30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कृषि उपज मंडी गेट पर किसानों ने जड़ा ताला, जानिए क्या है कारण

फसल बिक्री ना होने पर जताई नाराजगी, जमकर मचाया हंगामा गोंगलई मंडी में मजदूर नहीं होने से नहीं हुआ नाप तौल दो दिनों से धान की रखवाली कर रहे किसान मीडिया के दखल के बाद शुरू हो पाई बोली

2 min read
Google source verification
फसल बिक्री ना होने पर जताई नाराजगी, जमकर मचाया हंगामा

फसल बिक्री ना होने पर जताई नाराजगी, जमकर मचाया हंगामा

कृषि प्रधान बालाघाट जिले में किसानों को हर मोड़ पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कभी फसल लगाने के लिए बीज, कभी उर्वरक खाद और दवाइयां, कभी किसान सिंचाई के लिए परेशान हो रहा था। अब फसलों की कटाई के बाद किसानों को उसकी बिक्री के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कृषि उपज मंडी में धान बिक्री के लिए किसान पिछले दो दिनों से परेशान है। उनकी धान बिक्री होना तो दूर अब तक धान की बोली तक नहीं लग पाई है।

ताजा मामला शहर से सटे ग्रामीण थाना नवेगांव क्षेत्र के अंतर्गत गोंगलई मंडी का है। किसान पिछले दो दिनों से अपनी उपज बेचने परेशान हो रहे हंै। लेकिन मंडी में हमालों की व्यवस्था नहीं होने से उनके धान की बोली नहीं हो पा थी। गुस्साए किसानों ने गुरुवार को जमकर हंगामा मचाते हुए गोंगलई मंडी गेट पर तालाबंदी विरोध प्रदर्शन किया। व्यवस्थाओं में सुधार लाने सुबह 11 बजे से शुरू हुआ प्रदर्शन दोपहर करीब 1 बजे तक चला। मीडिया कर्मियों की दखल के बाद मंडी संचिव ने हमालों की व्यवस्था किए जाने की बात कहते हुए धान की बोली लगवाना शुरू किया गया। तब कहीं जाकर यह मामला शांत हुआ। किसानों ने मंडी गेट पर जड़े ताले को खोल दिया।

मिलर्स की धान लोड कर रहे मजदूर

जानकारी के अनुसार गोंगलई कृषि उपज मंडी में 12 महीने धान बिक्री के लिए नहीं आती है। खरीफ सीजन की धान शासन समिति के माध्यम से खरीदती है। रबी धान को किसान मंडी में बिक्री करने लाते हैं। बताया गया कि कृषि उपज गोंगलई मंडी में कुछ हमाल भी है, लेकिन 12 महीने काम न मिलने से हमाल राइस मिलर्स की धान, गोदामों से मिलिंग के लिए ट्रक की लोडिंग, अनलोडिंग करने में लगे हैं। रबी फसल आने पर उसकी बिक्री के लिए यहां पहुंच रहे किसानों को धान की अलटी पलटी, तौल, काटा, बोरे भरने आदि के लिए हमाल नहीं मिल रहे हैं।

दो दिन से परेशान किसान

बताया जा रहा है कि आसपास के क्षेत्रीय किसानों ने दो दिन पूर्व अपनी धान बिक्री के लिए लाई थी। गुरुवार की दोपहर तक बिक्री नहीं हो पाई। मंडी प्रबंधन द्वारा हमाल न होने की बात कहते हुए अपने हाथ खड़े कर दिए गए थे। अपनी नाराजगी जताते हुए स्थानीय किसानों ने मंडी गेट पर तालाबंदी कर जमकर हंगामा मचाया और व्यवस्थाओं में सुधार किए जाने की मांग की।

दखल के खोला ताला

हंगामें और किसानों के गेट पर तालाबंदी की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने किसानों और मंडी प्रबंधन से चर्चा की। किसानों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मंडी प्रबंधन ने हमलों की व्यवस्था कर जल्द धान खरीदी शुरू करने की बात कही। मीडिया कर्मियों के दखल के बाद आनन फानन में मंडी सचिव ने राइस मिलर्स और अन्य कर्मचारियों से कहकर धान की बोली लगाना शुरू किया गया। बोली लगते देख किसान मान गए। उन्होंने मामले को शांत कर गेट पर जड़ा ताला आवागमन के लिए खोल दिया।
वर्सन
किसानों के तालाबंदी की जानकारी नहीं है। हमालों की कमी के कारण किसानों से धान बिक्री नहीं हो पा रही थी। हालाकि हमनें राइस मिलर्स से संपर्क कर हमालों की व्यवस्था बनाई और बोली शुरू करवा दी गई है।
मनीष मड़ावी, मंडी सचिव गोंगलई

Story Loader