
पानी के साथ नलों के जरिए पहुंच रहे कीड़े
जराहमोहगांव. गर्मी के साथ ही जिले के ग्रामीण अंचलों में जल संकट गहराने लगा है। कहीं जल स्त्रोत में पानी नीचे चले जाने से पानी नहीं निकल रहा है। वही कुछ स्थानों पर पीएचई विभाग की पेयजल योजना के माध्यम से कीड़े युक्त दूषित पानी सप्लाई किए जाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। ताजा मामला कटंगी जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत जराहमोहगांव से सामने आया है। यहां पर बीते दो साल से जल जीवन मिशन के तहत बनने वाली योजना का कार्य अधूरा है। हालांकि अभी टेस्टिंग जारी है और कई बार मोटर खराब हो चुकी है। इस कारण टेस्टिंग पूरी नहीं हो पाई है। इधर, पुरानी पेयजल योजना की पाइप लाइन का विस्तार नाली के भीतर से कर दिया गया है। 15 दिन पहले यह पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे में पानी के साथ नल में कीड़े आ रहे है।
जानकारी के अनुसार करीब 5200 की आबादी वाली ग्राम पंचायत जराहमोहगांव में ग्रामीणों को पीने का पानी मुहैया करवाने के लिए करीब 30 से अधिक हैंडपंप और दर्जन भर कुएं है। मगर कुछ ही हैंडपंप से मीठा पानी मिलता है, कुंओं का जलस्तर कमजोर हो गया है। जलस्तर नीचे जाने की वजह से हैंडपंप पानी की जगह हवा उगल रहे हंै। ग्रामीणों को पीने का पानी जुटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
खेतों से ढो रहे पीने का पानी
ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन से चार किमी दूर खेतों से पीने का पानी लाना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत जराहमोहगांव में पानी सप्लाई करने के लिए दो स्थानों पर पानी की टंकी बनाई हुई है। एक पानी टंकी दुर्गा चौक में बनी है, यहां अंसेरा घाट से पानी भरा जाता है। वहीं वार्ड क्रमांक 20 में एक टंकी का निर्माण किया गया है। जिसमें खडक़पुर घाट से पानी लाया जाता है। आखर मैदान में स्थित पंप की मोटर खराब हो गई है। ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, वहीं दुर्गा चौक से निकली पाइप लाइन किसी नाली के नजदीक क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण पानी के साथ कीड़े आ रहे हंै।
इतने हंै नल कनेक्शन
ग्रामीणों ने बताया कि पुरानी पानी टंकी की क्षमता 45 हजार लीटर की है, जिससे गांव के भीतर 300 से अधिक नल कनेक्शन किए गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत पांच हजार लीटर की पानी टंकी बनाई गई है। लेकिन इसका फायदा ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। पानी टंकी के कनेक्शन को घरेलू बिजली के साथ जोड़ा गया है। कुछ किसान घरेलू बिजली कनेक्शन से खेतों की फसलों की सिंचाई कर रहे हंै। इस कारण लोड बढऩे से मोटर पंप जल रहे हंै और गांव में पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। वैसे तो सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर में शुद्ध पानी पहुंचाने का दावा किया है। मगर, जराहमोहगांव में बीते दो साल से इस योजना पर धीमी गति से काम चल रहा है।
इन वार्डों में सर्वाधिक परेशानी
ग्राम पंचायत जराहमोहगांव में वार्ड 12 से लेकर 20 तक के वार्डवासी पानी की किल्लत से सर्वाधिक जूझ रहे हैं। इन वार्डों के रहवासियों को नीम चौक से पानी जुटाना पड़ता है। ग्रामीणों का काफी वक्त पानी जुटाने में ही बीत जाता है। घर की महिलाओं के अलावा पुरुष और बच्चे भी दिन भर पानी जुटाते रहते हंै। वार्ड पांच और छह के रहवासियों के घरों में जो पानी नल जल योजना की सप्लाई के जरिए आ रहा है, उसमें कीड़े निकल रहे हंै। ग्रामीणों ने इस संबंध में सरपंच को अवगत कराया है।
वर्सन
अब तक योजना पंचायत को हैंडओवर नहीं हुई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ही अभी टेस्टिंग कर रहा है। विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।
योगेश डोंगरे, सरपंच जराहमोहगांव
Published on:
06 Apr 2024 06:42 pm
बड़ी खबरें
View Allबालाघाट
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
