
किसानों से कर्र्ज वसूली को लेकर विधायक ने लगाई फटकार
बालाघाट. समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रहीं। बारदाने की आवक और उठाव की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। इसके चलते धान समितियों में ही खुले में ही पड़ी हुई है। जिस पर आफत बनकर बरसी बारिश ने बची-कूची कसर पूरी कर दी। इस प्राकृतिक आपदा से व्यथित परसवाड़ा क्षेत्र के विधायक रामकिशोर कावरे ने गुरुवार को धान उपार्जन केन्द्र समनापुर, चरेगांव, घुनाड़ी और गुडरु का जायजा लिया। इस अवसर पर पूरनलाल ठाकरे अध्यक्ष जनपद पंचायत बालाघाट, हेमेंद्र क्षीरसागर सांसद मीडिया प्रभारी, निरंजन लिल्हारे पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा, गणेश लिल्हारे, राजेश मेश्राम मंडल अध्यक्ष भाजपा, मनोज पारधी, प्रहलाद पारधी, मुन्ना पारधी, जीवनलाल पारधी, बाबूलाल पटले, नरेश बिसेन, शोभाराम लिल्हारे, चमक लिल्हारे, उत्सव लांजेवार, गोपी रांहगडाले, भुवनेश्वर रजक, गंगा डहारे, छोटेलाल ऐडे, राम साकुरे, योगेश लिल्हारे, शारदाप्रसाद शर्मा, देवेन्द्र बिसेन, नेता दमाहे सहित अन्य मौजूद थे।
विधायक कावरे ने पहले धान उपार्जन केंद्र समनापुर का औचक निरीक्षण किया। जहां बारिश के कारण बंद धान खरीदी को तत्काल चालू करवाया। चरेगांव में बारदाने पर किसान द्वारा छाप लगाने के कार्य का विरोध किया। किसानों की मांग पर नाप तौल कांटे का मुआयना करते हुए जल्द बारदाने उपलब्ध करवाने की हिदायत दी। इस बीच ग्राम सेरवी के किसान रेवाराम पटले की कर्ज माफी के बाद भी कर्ज वसूली किए जाने को लेकर विधायक कावरे ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उप केंद्र घुनाड़ी पहुंचकर किसानों और समिति के कर्मचारियों के साथ धान खरीदी के मुद्दे पर चर्चा की। देर रात तक उपार्जन केंद्र गुड्डरु में सैकड़ों किसानों से भेंट कर धान खरीदी के संबंध में उनकी समस्या गंभीरता से सुनी। बाद मौजूदा खरीदी प्रभारी को टोकन के नाम पर किसानों को बेवजह परेशान नहीं करने के निर्देश दिए। धान खरीदी केंद्र के अलावा परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में किसानों को पर्याप्त शुद्ध पेयजल, ठंड से बचने के लिए अलाव, रहने-सोने के लिए बिस्तर व पंडाल, बेमौसम बारिश से राहत के लिए तिरपाल, बारदाने की उपलब्धता और उपज की चाक-चौबंद व्यवस्था हर हाल में किए जाने की बात कही।
विधायक रामकिशोर कावरे ने कहा की प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आज मेहनतकश किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जिला प्रशासन की उदासीनता और लचर व्यवस्था अन्नदाताओं के दर्द को और कुरेद रही है। यह हरगिज भी मंजूर नहीं है। इसका पुरजोर विरोध करने और किसानों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिए वे किसानों के साथ हर समय खड़े हैं।
Published on:
29 Dec 2019 08:59 pm
बड़ी खबरें
View Allबालाघाट
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
