
बालाघाट. स्कूल एक, बच्चे पांच और शिक्षक दो। बावजूद इसके एक शिक्षक हमेशा स्कूल से नदारद रहते हैं। स्कूल से नदारद रहने वाले शिक्षक न तो अवकाश का आवेदन देते है और न ही कोई सूचना। केवल एक शिक्षिका के भरोसे स्कूल का संचालन होता है। मामला बालाघाट विकासखंड के ग्राम पंचायत नेवरगांव के शासकीय प्राथमिक शाला गोंडीटोला का है।
जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला गोंडीटोला में कक्षा पहली से लेकर पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती है। इन कक्षाओं में केवल 5 विद्यार्थी ही पंजीकृत है। जिसमें कक्षा 5 वीं में 2, दूसरी और तीसरी में 3 विद्यार्थी पंजीकृत है। जबकि कक्षा पहली और चौथी में कोई भी विद्यार्थी नहीं है। इन पांच विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षक पदस्थ किए गए है। जिसमें प्रधानपाठक नारायण सिंह मर्सकोले और शिक्षिका डाली राठौर शामिल है। प्रधानपाठक नारायण सिंह मर्सकोले हमेशा स्कूल से नदारद रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए शासन अनेक प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। अनेक सुविधाएं प्रदान कर रही है। बावजूद इसके जिले में ऐसे अनेक विद्यालय हैं, जहां इनका पालन नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्कूलों में पदस्थ शिक्षक शासन की मंशा पर पलीता लगा रहे हैं। शासकीय प्राथमिक शाला गोंडीटोला इसका उदाहरण है।
शिकायत पर नहीं हो रही सुनवाई
शाला से शिक्षक के नदारद रहने के मामले में ग्रामीणों और अभिभावकों ने शाला पहुंचकर पंचनामा बनाया। प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना भी दी। लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम पंचायत नेवरगांव सरपंच ने बताया कि शिक्षक हमेशा स्कूल से नदारद रहते हैं। पूर्व में अनेक बार शाला का निरीक्षण करने में वे उपस्थित नहीं मिले। जिसकी जानकारी अनेक बार विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है। लेकिन आज तक संबंधित शिक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गांव के ही निवासी है शिक्षक
सरपंच के अनुसार शिक्षक नारायण सिंह मर्सकोले ग्राम गोंडीटोला के ही निवासी है। स्कूल के करीब में ही उनका निवास स्थान है। बावजूद इसके वे शाला नहीं पहुंचते हैं। शाला में अध्ययनरत बच्चों ने बताया कि शिक्षक के शाला आने-जाने का कोई समय नहीं है। वे कभी भी स्कूल आ जाते हैं और कभी भी चले जाते हैं। ज्यादातर स्कूल में शिक्षिका ही रहती है।
इनका कहना है
स्कूल में दो शिक्षक है। शिक्षक कभी-कभी स्कूल आते हैं। जबकि शिक्षिका रोजाना स्कूल पहुंचकर पढ़ाने का कार्य करती है। इस स्कूल में केवल पांच बच्चे शिक्षा अध्ययन करते हैं।
-माधवी मर्सकोले, छात्रा, कक्षा पांचवीं
शासकीय प्राथमिक शाला गोंडीटोला में केवल 5 बच्चे हैं। शाला में दो शिक्षक पदस्थ है। शिक्षक नारायण सिंह मर्सकोले शाला से अनुपस्थित है। अवकाश का कोई आवेदन नहीं दिया है।
-डाली बाई राठौर, शिक्षिका
शिक्षक नारायण सिंह मर्सकोले के अवकाश का संकुल केन्द्र में न तो कोई आवेदन आया है और न ही कोई सूचना दी गई है। इस मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-सुधीर बागड़े, प्रभारी संकुल प्राचार्य, चरेगांव
शिक्षक नारायण सिंह मर्सकोले हमेशा स्कूल से नदारद रहते है। मौके पर पहुंचकर पंचनामा भी बनाया गया है। विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दी गई है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
-संगीता जैतवार, सरपंच, ग्रापं नेवरगांव
Published on:
12 Jan 2024 10:14 pm
बड़ी खबरें
View Allबालाघाट
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
