पत्रिका जन एजेंडा-बालाघाट विधानसभा क्षेत्र की बैठक में गणमान्यों ने बेबाकी से रखे अपने विचार-
बालाघाट. विधानसभा चुनाव 2023 का बिगुल बज चुका है। शहर में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई है। बालाघाट विधानसभा में प्रमुख भाजपा-कांग्रेस सहित अन्य दलों ने अपने प्रत्याशी भी घोषित कर दिए हैं। नामांकन जमा करने के साथ ही प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है।
पत्रिका के जन एजेंडा अभियान के तहत शुक्रवार को सोंगापथ गली नेहरू युवा केन्द्र के हॉल में बालाघाट विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों के लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षाविदों, युवाओं, मोटीवेटरों और प्रबुद्धजनों ने इस क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को इंगित कराते हुए बेबाकी से अपने विचार रखे। साथ ही अपनी बात रखने मंच प्रदान किए जाने पर पत्रिका अभियान की सराहना की। अमूमन युवाओं और प्रबुद्धजनों ने खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में बालाघाट जिले को पिछड़ा होना बताते हुए तकनीकि और उच्च शिक्षा के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के मामले के मुद्दों को सांझा किया। वहीं हर शिक्षित युवाओं के हाथ रोजगार प्रदान की दिशा में कार्य किए जाने की आवश्यकता बताई। कहां कि नई सरकार को इन मुद्दों पर कार्य किया जाना चाहिए। कृषि, खनिज और वन संपदाओं से परिपूर्ण जिले में बड़े उद्योगों की स्थापना किए जाने मांग भी सभी ने की। वहीं बिगडै़ल यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण, ओवर ब्रिज, सीवरेज सिस्टम और मनोरंजन के साधनों के तौर पर बड़े उद्यान और स्पॉट विकसित किए जाने की बात कही गई।
इनका कहना है।
शहर में यातायात व्यवस्था बिगडै़ल है। मुख्य मार्गो से लेकर गली कूंचों तक अतिक्रमण देखने को मितला है। हर बारिश में जल प्लावन की समस्या भी नासूर हो गई है। इनकी रोकथाम को लेकर प्रयास होने चाहिए।
सत्येन्द्र बिसेन, सीएससी प्रबंधक
तकनीकि शिक्षा के लिए युवाओं को नागपुर, भोपाल और इंदौर जैसे शहर जाना पड़ता है। मध्यम वर्गीय युवाओं के लिए उच्च व तकनीकि शिक्षा सपना ही है। शहर में ही इंजीनियरिंग, मेडिकल की शिक्षा मिलनी चाहिए।
अरविंद मेरावी, जागरूक युवा
एशिया महाद्वीप की दूसरे नंबर की ताम्र परियोजना हमारे यहां है। खनिज और वन संपदा में भी हम नंबर वन है। लेकिन उद्योग नहीं है। इन संपदाओं से जुड़े उद्योग खोले जाते हैं, तो इनका फायदा यहां के लोगों को मिलेगा।
तारेन्द्र जामरे, कॉलेज छात्र
शहर के तीन प्रमुख स्थानों पर ओवरब्रिजों की नितांत आवश्यकता है। इन पर चर्चाएं तो बहुत हुई हैं। लेकिन काम 10 प्रतिशत भी नहीं हो पाए हैं। इस विषय पर गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए।
दीपा मेरावी, युवा वालेंटियर
हर छोटे बड़े शहरों में सीवरेज सिस्टम है। लेकिन हमारे शहर में आज भी यह सुविधा नहीं हो पाई है। खुली नाले-नालियां शहर की सुंदरता पर दाग लगाते हैं। गंदगी का माहौल निर्मित रहता है। सीवरेज प्लान होना चाहिए।
लक्ष्मी धुर्वे, जागरूक युवा
विकास के नाम पर हमारा काफी पिछड़ा है। रेलवे के माध्यम से हम सीधे तौर पर बड़े शहरों से भी नहीं जुड़ पाएं है। जबकि यहां एयरपोर्ट जैसी भी सुविधाएं हो जानी चाहिए थी। इन पर विचार किया जाना चाहिए।
पंकज मरकाम, जागरूक युवा
हम जनहित की मुद्दों को तभी पूरा करवा सकते हैं, जब हम सही जनप्रतिनिधि का चुनाव करें। 17 नवंबर को मतदान होना है। सभी सारे काम छोडकऱ सबसे पहले मतदान करने अवश्य पहुंचे।
अजय सिंह बैस, युवा मोटीवेटर
पत्रिका ने जनएजेंडा अभियान की शुरूवात कर आमजनता को अपने बात रखने का मंच प्रदान किया है, यह काफी सराहनीय पहल है। मेरा मत शहर विकास को लेकर रहेगा। बिना भेदभाव के विकास कार्य होने चाहिए।
सीआर जंघेला, नेहरू युवा केन्द्र