बालाघाट

वनवासी चरित्र की लीलाओं का नाटक के माध्यम से हुआ मंचन

निषादराज गुहा चरित्र की कलाकारों ने दी प्रस्तुति

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वनवासी चरित्र की लीलाओं का नाटक के माध्यम से हुआ मंचन

बालाघाट/बिरसा. जिला प्रशासन बालाघाट के सहयोग से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरसा के मैदान में बैतूल के रंगमंच कलाकारों ने निषादराज गुहा चरित्र की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। भगवान श्री राम जब वन गमन के लिए राम सीता लक्ष्मण के साथ जा रहे थे, तभी बीच में गंगा आ गई और गंगा पार कराने की बात जब निषादराज से की गई, तब निषादराज ने विनम्रता पूर्वक भगवान को गंगा पार कराने से पहले पैर धुलवाने का अनुरोध किया। भगवान श्री राम उसकी मनसा को समझते हुए उसके सभी मनोरथ पूर्ण किए और निषादराज ने खुशी-खुशी भगवान श्रीराम को गंगा पार कराया। गंगा पार करवाने के उपलक्ष्य में मां सीता ने अपनी मुद्रिका गुहराज को प्रदान की। यहां भगवान श्री राम के चरित्र यह बतलाता है की राजा के ऊपर विपत्ति आने पर भी अपना ध्यान न छोड़े और सबके साथ समान व्यवहार करें। जो मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार पोषण करते हैं उन्हें भी मित्र समझे, उन्हें गले लगाएं और उनका उत्थान करें। तभी समाज में समभाव और मित्रता स्थापित हो सकती है। श्री राम चक्रवर्ती राजा दशरथ के राजकुमार है, लेकिन उनके चरित्र में समभाव, मित्रता और व्यवहारिकता नजर आई। कार्यक्रम का मंच संचालन संतोष उपाध्याय ने किया। उल्लेखनीय है कि मप्र शासन संस्कृति विभाग रामायण में वर्णित वनवासी चरित्र की लीलाओं की प्रस्तुति प्रदेश के 89 जनजाति क्षेत्रों में दी जा रही है।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी हरिश्चंद्र महोबे, को-ऑर्डिनेटर अंकित शर्मा, नरेन्द्र राहंगडाले, अधीक्षक कमलेश ठाकरे, प्राचार्य रमा कनेरे, पंकज रिछारिया, अनुपमा मर्सकोले सहित अन्य मौजूद थे।
परसवाड़ा. मुख्यालय में श्री राम वनवासी लीला कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मप्र शासन संस्कृति विभाग रामायण में वर्णित वनवासी चरित्र की लीलाओं की प्रस्तुति जिला प्रशासन के सहयोग से अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में दी जा रही है। मुख्यालय के शासकीय उत्कृष्ट छात्रावास के मैदान में कलाकारों ने यह प्रस्तुति दी। जिसमें संपूर्ण रामायण का जीवंत चित्रण कलाकारों ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहै।

Published on:
22 Nov 2022 10:47 pm
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