- पुलिस चौकी किन्ही के साकरीटोला गांव की घटना
नक्सलियों की आरामगाह नाम से प्रसिद्ध बालाघाट जिले के किरनापुर थाना क्षेत्र के किन्ही पुलिस चौकी के ग्राम पंचायत ककोड़ी के ग्राम बोरवन के साकरी टोला गांव में शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि अज्ञात लोगों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी।
मृतक सदाराम सिरसाम (64) पूर्व वन समिति अध्यक्ष था। हमलावरों ने कनपटी में गोली मारी है। घटना की सूचना रविवार की सुबह परिजनों ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पंचनामा कार्रवाई की। मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है। पुलिस नक्सली और गैर नक्सली दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है।
परिजनों ने बताया कि शनिवार की रात्रि परिवार के सभी 6 सदस्य सोए हुए थे। रात्रि 12 बजे से सुबह के 6 बजे की बीच अज्ञात लोगों ने सदाराम की कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी। रविवार की सुबह सदाराम के भाई की पत्नी पार्वती बाई सबसे पहले जागी।
जिसने अपने जेठ सदाराम को मृत हालत में देखा। जिसके कनपटी पर गोली लगी होने से शव रक्त रंजित हालत में था। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने बताया कि रात्रि 12 बजे के बाद न तो किसी के आने की आहट मिली और न ही गोली चलने की आवाज आई।
नक्सली, गैर नक्सली दोनों एंगल से कर रही जांच
लांजी एसडीओपी दुर्गेश आर्मो ने बताया कि पुलिस इस मामले में दोनों ही एंगल से जांच कर रही है। घटना स्थल पर किसी भी तरह का नक्सली पर्चा या साक्ष्य नहीं मिले हंै। जिसके चलते पुलिस दोनों ही एंगल से मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
बोरवन साकरीटोला गांव में अज्ञात लोगों ने सदाराम सिरसाम की गोली मारकर हत्या कर दी है। हत्या नक्सलियों ने की है या अज्ञात लोगों ने, इस मामले की जांच कर रहे हैं। मृतक पुलिस का मुखबिर नहीं था।
- दुर्गेश आर्मो, एसडीओपी, लांजी
नक्सली इन क्षेत्रों को बना रहे हैं शरण स्थली
वहीं अभी चंद दिनों पहले ही सूचना आई थी कि नक्सलियों ने दक्षिण बैहर, लांजी, किरनापुर क्षेत्र को अपनी शरण स्थली बनाया है। ये क्षेत्र छग और महाराष्ट्र राज्य की सीमा से लगे हुए हैं। दोनों ही राज्यों में घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली जिले में जंगलों के रास्ते पनाह ले लेते हैं।
नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए पुलिस ने भी अपना मुखबिर तंत्र मजबूत कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों पर पुलिस विशेष निगाहें रख रही है। खासतौर पर कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र के बालाघाट, मंडला, महाराष्ट्र और छग राज्य के कवर्धा जिले की सीमा क्षेत्र में पुलिस लगातार चौकस है। जंगलों में प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी के विस्तार दलम 2, विस्तार दलम 3, खटिया मोचा दलम एरिया कमेटी, कान्हा भोरमदेव कमेटी, मलाजखंड दलम, टांडा दलम, दर्रेकसा दलम के नक्सली मूवमेंट कर रहे हैं।
इन क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय हैं नक्सली
जिले के दक्षिण बैहर क्षेत्र के पाथरी चौकी के अंतर्गत कोरका, बोंदारी, पाथरी, माड़ी, जगला, कासाटोला, बिठली चौकी अंतर्गत हर्रानाला, दुगलइ, आमानाला, जानियाटोला, बिठली, सोनगुड्डा चौकी अंतर्गत सोनगुड्डा, कोद्दापार, कुर्रेझोड़ी, राशिमेटा, दुल्हापुर, मुरूम, पित्तकोना चौकी अंतर्गत कोसमबहेरा, बिलालकसा, जैतपुरी, छुहीडोडा, झकोरदा, चिलौरा, चितालखोली, देवरीबेली चौकी अंतर्गत नरपी, चिरकोना, सायरए टेमनी, संदूका सहित अन्य गांवों के जंगलों में नक्सलियों की सक्रियता बनी हुई है। इसी तरह गढ़ी थाना क्षेत्र में भी नक्सलियों का मूवमेंट हो रहा है।