
बालाघाट. गांव में पानी टंकी स्थापित कर पाइप लाइन विस्तार कार्य किया गया। ग्रामीणों को घर पर ही शुद्ध पेयजल प्रदाय किए जाने के सपने भी दिखाए गए। लेकिन एक वर्ष से अधिक का समय होने को है, अब तक ग्रामीणों को योजना के माध्यम से पेयजल सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। मामला परसवाड़ा विधायक मुध भगत के गृह निवास चरेगांव के समीप स्थित राजस्व ग्राम कातौली से जुड़ा है।
परसवाड़ा विस क्षेत्र का कातौली राजस्व ग्राम बालाघाट जनपद की सुरिया शेरवी पंचायत के अंतर्गत आता है। बावजूद इसके यहां पेयजल योजना के हाल बेहाल है। योजना के तहत लगाई गई पानी टंकी शोपीस बनी हुई है। ग्रामीणों के लिए योजना छलावा साबित हो रही है।
2023 में स्वीकृत हुई योजना
कातौली ग्राम के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की समस्या को देखते हुए 2023-24 में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजना स्वीकृत हुई। अधिकारियों ने शीघ्र ही घरों में शुद्ध पेयजल मुहैया कराए जाने का ढिंढोरा पीटते हुए गांव में पानी की टंकी स्थापित की। पाइल विस्तार कार्य भी किया गया। लेकिन घरों में नल कनेक्शन नहीं किए गए। वहीं बोरवेल खनन कार्य भी नहीं किया गया है। परिणाम स्वरूप योजना सफलीभूत नहीं हो पाई है।
एक मात्र हैंडपंप के भरोसे ग्रामीण
कातौली ग्राम में करीब 20 से 25 परिवार निवास करते हैं। करीब एक सैकड़ा से अधिक की आबादी ग्राम में निवास करती है। इतनी आबादी के लिए यहां एक मात्र हैंडपंप की व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में 1966 में बना एक कुआं भी है। लेकिन कुआं काफी जर्जर हो गया है। कुएं का पानी भी बारिश के पानी से दूषित होने की आशंका है। इस कारण ग्राम में खासकर पीने के पानी की समस्या बनी हुई है।
योजना शुरू किए जाने की मांग
ग्रामीणों ने योजना के नाम पर अनियमितता बरतने व योजना की राशि में भ्रष्टाचार कर लिए जाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शासन ने कल्याणकारी योजना लागू कर रखी है। लेकिन योजनाओं के जिम्मेदार सही तरह से काम नहीं कर रहे हैं। इस कारण योजना सफलीभूत नहीं हो रही है। ग्रामीण अब भी पेयजल योजना को लेकर मोहताज है।
वर्सन
बारिश के मौसम में तो हैंडपंप से पर्याप्त पानी निकलता है। लेकिन बाकी मौसम में एक हैंडपंप सभी परिवारों के लिए पर्याप्त पानी नहीं दे पाता है। गांव में और हैंडपंप लगाए जाने चाहिए।
गोधन परते, स्थानीय ग्रामीण
पिछले वर्ष नलजल योजना के तहत पानी टंकी लगाकर पाइप बिछाए गए। लेकिन इसके बाद काम बंद कर दिया है। जबकि योजना के माध्यम से एक बूंद पानी भी सप्लाई नहीं किया गया है।
विकास उइके, स्थानीय ग्रामीण
योजना के शुरू नहीं किए जाने से टंकी व स्टैंड क्षतिग्रस्त हो रहा है। पाइप भी यहां वहां पड़े हुए हैं। शीघ्र ही बोर खनन कर पानी देना शुरू करना चाहिए। नहीं तो अब तक जो काम किए गए हैं उन्हें फिर से करना पड़ेगा।
चैतीबाई धुर्वे, स्थानीय ग्रामीण
पत्रिका के माध्यम से कातौली ग्राम का मामला संज्ञान में आया है। वहां सडक़, पुल की नितांत आवश्यकता है। वहीं पेयजल योजना स्वीकृत है तो काम पूरा क्यो नहीं हो पाया है हम इसकी जानकारी लेंगे।
फूलचंद सहारे, जनपद अध्यक्ष बालाघाट
Published on:
30 Aug 2024 07:56 pm
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