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शोपीस बनी पानी की टंकी, ग्रामीणों को नहीं हो रही जलापूर्ति

जल जीवन मिशन के तहत हुआ है वर्ष 2019 में निर्माण कार्यजपं बिरसा के ग्राम पंचायत बिठली का मामला

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बालाघाट/बिरसा. गांव में पानी की टंकी का निर्माण हुआ है लेकिन वह शोपीस बनी हुई है। ग्रामीणों को जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। हर घर जल की मंशा लिए गांव में पाइप लाइन का विस्तार भी कर दिया गया है। विडम्बना यह है कि शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। मामला जनपद पंचायत बिरसा के ग्राम पंचायत बिठली का है। बिठली में जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी टंकी का निर्माण और पाइप लाइन का विस्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्राम बिठली में पानी टंकी का निर्माण किया गया है। यह पानी टंकी बने हुए तीन वर्ष बीत गए। लेकिन आज तक ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। विभागीय अधिकारी और ठेकेदार की सांठगांठ के चलते यह योजना गांव में दम तोड़ती नजर आ रही है। जिसके कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया की पानी की टंकी भी लिकेज है। एक बार पानी भरा गया था तो टंकी से सीपेज हो रहा था। टंकी से पानी सप्लाई बंद है।
टंकी तक नहीं चढ़ पा रहा है पानी
ग्रामीणों ने बताया कि टंकी में पानी भरने के लिए गांव में चार बोर कराए गए हैं। जिसमें से तीन बोर सक्सेस नहीं हुए। जबकि एक बोर में पानी पर्याप्त मात्रा में है। लेकिन उसमें गहराई अधिक होने के कारण मोटर से पानी टंकी तक नहीं चढ़ पा रहा है। अधिक हार्सपॉवर की मोटर लगाकर टंकी में पानी चढ़ाया जा सकता है।
दूर से ढोकर लाते हैं पानी
महिलाओं ने बताया कि उन्हें पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। दूर से ढोकर घरों तक पानी लाया जाता है। ग्रीष्म ऋतु में यह समस्या सबसे अधिक होती है। निस्तार के लिए भी पानी नहीं मिल पाता है। गांव में पानी की टंकी बनने से ग्रामीणों में खुशी थी, लेकिन पानी नहीं मिलने से निराश हैं।
योजना को शुरु कराए जाने की मांग
ग्रामीणों ने नल-जल योजना को शुरु कराए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिक हार्स पॉवर की मोटर लगाकर पानी टंकी में चढ़ाया जा सकता है। जिससे गांव में पानी की समस्या दूर हो सकती है।
इनका कहना है
पानी टंकी का निर्माण किए हुए तीन वर्ष बीत गए। टेस्टिंग के दौरान ही पानी टंकी में लिकेज था। लेकिज में अभी तक कोई सुधार नहीं किया गया। ग्रामीणों को पानी के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। ग्रीष्म ऋतु में यह समस्या अधिक होती है।
-अशोक शेंद्रे, ग्रामीण
टंकी में पानी भरने के लिए गांव में चार बोर किए गए। लेकिन तीन बोर सक्सेस नहीं हुए। एक बोर में पानी है उसमें मोटर भी लगी है लेकिन वह पानी नहीं चढ़ा पा रही है। इस कारण योजना के तहत ग्रामीणों को जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।
-सुलभ सिंह धुर्वे, सरपंच पति