बालोद जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में रिद्धि-सिद्धि के दाता एवं विघ्नहर्ता भगवान गणेश का चतुर्थी महोत्सव शुरू हो रहा है। ढोल-धमाकों व बैंड-बाजों के साथ मंगलवार को विघ्नहर्ता को प्रतिष्ठानों, घरों व पंडालों में विराजित करेंगे। बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस पर्व को मनाने उत्साहित है।
बालोद. जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में रिद्धि-सिद्धि के दाता एवं विघ्नहर्ता भगवान गणेश का चतुर्थी महोत्सव शुरू हो रहा है। ढोल-धमाकों व बैंड-बाजों के साथ मंगलवार को विघ्नहर्ता को प्रतिष्ठानों, घरों व पंडालों में विराजित करेंगे। बच्चे से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस पर्व को मनाने उत्साहित है। बाजारों में भगवान गणेश की विभिन्न प्रतिमाएं बिक्री के लिए आई हैं। सोमवार को उतनी ज्यादा भीड़ प्रतिमा खरीदने नहीं रही, लेकिन मंगलवार को भीड़ रहने की उम्मीद है। जिले में इस बार 10 से 15 फीट की भी प्रतिमाओं का निर्माण मूर्तिकारों ने किया है। मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं।
बड़ी गणेश प्रतिमाओं के लिए पंडाल का निर्माण
जिला मुख्यालय में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने बड़े व आकर्षक पंडाल भी बनाए जा रहे हैं। पंडाल निर्माण का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। पंडालों में साज-सज्जा चल रही है।
जिला मुख्यालय में 40 से अधिक पंडाल
शहर के 20 वार्डों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना के लिए छोटे-बड़े गणेश पंडाल बनाए गए हैं। जिले के हजारों घरों में छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमा विधि-विधान से वैदिक मंत्रों के साथ स्थापना की जाएगी।
भक्तों को लुभा रही बप्पा की प्रतिमाएं
शहर के घड़ी चौक से लेकर सदर मार्ग तक व बुधवारी बाजार सहित कई स्थानों पर बड़ी संख्या में मूर्तियों की दुकानें सज गई हंै। कहीं बड़ी प्रतिमाएं लोगों को आकर्षित कर रही हंै, तो कहीं शेषनाग धारणकर मूसक पर सवार बप्पा भक्तों को लुभा रहे हैं। बाजार में 200 रुपए से लेकर 15 हजार रुपए तक प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। प्रतिमाएं महंगी होने के बावजूद भी लोग मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं।
गणेश स्थापना का शुभ समय और पूजा विधि
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन गणेश की स्थापना के लिए कई मुहूर्त हैं, लेकिन घर पर गणेश स्थापना व पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 9.30 से सुबह 11 बजे तक रहेगा। इसके अलावा सुबह 11.25 से दोपहर 2 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। गणेश को लड्डू, चंदनयुक्त दुबी, कुमकुम आदि चढ़ाना चाहिए। लड्डू, केला और पान का भोग लगाना भी फलदायक माना जाता है।