CG News: बेटा-बेटी में फर्क करने वाले समाज को एक गहरा संदेश देते हुए कसडोल विधानसभा की पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव शकुंतला साहू ने अपने जीवन के सबसे भावुक क्षण में एक नजीर पेश की है। दरअसल शकुंतला साहू की माता लीला देवी साहू का बुधवार की सुबह 10:30 बजे आकस्मिक निधन हो गया। मां की अंतिम यात्रा में बेटी ने वह भूमिका निभाई, जिसे परंपरागत रूप से बेटों से जोड़ा जाता है।
श्मशान घाट में मां के अंतिम संस्कार की सभी विधियों को शकुंतला साहू ने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न किया। उनके इस कदम ने पारंपरिक मान्यताओं को तोड़ते हुए यह साबित किया कि संतान का प्रेम, सेवा और जिम्मेदारी किसी लिंग के आधार पर तय नहीं होते।
जानकारी के अनुसार घटना करीब साढ़े 10 बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक लीला देवी बुधवार सुबह घर के पीछे बाड़ी में सफाई करने के लिए गई थी। इस दौरान वह करंट की चपेट में आ गई। दौड़कर परिवार के अन्य लोग पहुंचे तो देखा कि लीला देवी की सांस थम गई थी। पुलिस पता लगा रही है कि आखिर बाड़ी में करंट कैसे पहुंचा। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।