
हितग्राहियों के हिस्से का राशन डकार गए घपलेबाज(Photo Patrika)
CG News: ग्राम पंचायत बम्हनपुरी की सहकारी उचित मूल्य की दुकान में तीन माह का चावल नहीं देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नव दुर्गा स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित इस राशन दुकान से लगभग 50-55 हितग्राहियों को पूरा चावल नहीं मिला है। इसे लेकर ग्रामीणों ने बीते दिनों जिला खाद्य अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत पर जिला खाद्य अधिकारी ने गुरुवार को एक जांच टीम गठित कर गांव भेजा। जांच अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों का बयान दर्ज किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन के निर्देशानुसार तीन माह का चावल एकमुश्त दिया जाना है, लेकिन बम्हनपुरी में कई हितग्राहियों को पूर्ण मात्रा में चावल नहीं दिया गया। किसी को 40 किलो, तो किसी को 50 किलो चावल ही मिला। करीब 25-30 हितग्राही ऐसे भी हैं जिन्हें तीन महीने दूर, एक दिन का भी चावल नहीं मिला है। ढाबाडीह और बम्हनपुरी के ग्रामीणों में इस गड़बड़ी को लेकर आक्रोश है।
नारद पटेल, तुलसीराम पटेल, सियाराम पैकरा, ईतवारी पटेल, हिरऊ प्रसाद, संजय देवदास, फिरतू पैकरा, रामकुमार यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दुकान संचालन का जिम्मा भले ही नव दुर्गा स्व-सहायता समूह के नाम पर है, लेकिन ग्राम सरपंच हिंछा राम पैकरा ही इसका मनमाने तरीके से संचालन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब भी चावल मांगा गया, सरपंच कहता रहा कि कोटा अभी नहीं आया है, बाद में मिलेगा। इस जवाब से लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत का निर्णय लिया।
बम्हनपुरी के ग्रामीणों ने चावल नहीं मिलने की शिकायत की थी। टीम बनाकर जांच करवा रहे हैं। ग्रामीणों के बयान लेने से पता चला है कि 55 से ज्यादा हितग्राहियों को पूरा चावल नहीं मिला है। राशन दुकान संचालक को एक हफ्ते के भीतर चावल देने कहा है।
गुरुवार को बलौदाबाजार से खाद्य निरीक्षक की टीम बम्हनपुरी पहुंची। उन्होंने हितग्राहियों से मिलकर बयान लिया। दुकान संचालक से भी पूछताछ की। दुकान संचालक ने कि चावल वितरण में विलंब हुआ है। एक हफ्ते के भीतर सभी हितग्राहियों को चावल दे दिया जाएगा। जांच अधिकारी ने शिकायत की प्राथमिक जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला खाद्य अधिकारी को सौंपने की बात कही है।
अगर गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चावल वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। पंजी में रेकॉर्ड सही नहीं रखा जा रहा। इससे उन्हें समय पर जानकारी नहीं मिल पाती। राशन वितरण की ऐसी लापरवाही से गरीब और बीपीएल वर्ग के लोगों को भोजन की समस्या झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि निर्दोष हितग्राहियों को तुरंत चावल उपलब्ध कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
Updated on:
07 Aug 2025 10:41 am
Published on:
07 Aug 2025 10:40 am
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