30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दूसरी जाति के लड़के से शादी करने की मिल रही है ऐसी सजा, मरे हुए बाप का मुंह तक नहीं देखने दे रहा समाज

सुनने में जितना अजीब लगे परंतु मामला बलौदा बाजार जिले की तीन बेटियों का है जो आज अपने पिता के दशगात्र में शामिल होने के लिए पुलिस तथा प्रशासन से फरियाद कर रही हैं। मामला मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है परंतु अब तक बेटियों को मदद नहीं मिल पाई है।

3 min read
Google source verification
दूसरी जाति के लड़के से शादी करने की मिल रही है ऐसी सजा, मरे हुए बाप का मुंह तक नहीं देखने दे रहा समाज

दूसरी जाति के लड़के से शादी करने की मिल रही है ऐसी सजा, मरे हुए बाप का मुंह तक नहीं देखने दे रहा समाज

बलौदा. casteism in chhattisgarh: बाजार सामाजिक भेदभाव को दूर करने के लिए समाज सुधारकों द्वारा एक ओर जहां बड़े-बड़े प्रयास किए जाते हैं वहीं दूसरी ओर तीन पुत्रियों को अपने पिता के दशगात्र कार्यक्रम में केवल इसलिए ही शामिल नहीं होने दिया जा रहा है क्योंकि वे समाज के तथाकथित ठेकेदारों की पसंद के विरूद्ध समाज के ही एक अन्य कार्यक्रम में शामिल हो गयी।

अपनों के द्वारा ठुकरा दी गयी दादी मां की मौत हुई तो महिलाओं ने दिया कन्धा, किया अंतिम संस्कार

यह सुनने में जितना अजीब लगे परंतु मामला बलौदा बाजार जिले की तीन बेटियों का है जो आज अपने पिता के दशगात्र में शामिल होने के लिए पुलिस तथा प्रशासन से फरियाद कर रही हैं। मामला मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंच गया है परंतु अब तक बेटियों को मदद नहीं मिल पाई है।

मुख्यमंत्री, गृहमंत्री तथा पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को दिए आवेदन में आवेदिका नारयणमती कर्ष पति लखनलाल कर्ष निवासी ग्राम रोहिना थाना भटगांव, बलौदा बाजार, लच्छनबाई पति घासीराम कर्ष निवासी थाना भटगांव, बलौदा बाजार,चन्द्रभागा पति गणेशराम कर्ष निवासी ग्राम सुकली थाना गिधौरी, चौकी गिरौधपुरी, जिला बलौदा बाजार ने बताया कि उनके पिता कीरित राम कर्ष ग्राम भटगांव का 12 सितंबर को निधन हो गया था।

दो लड़कियां एक दूसरे के प्यार में हो गयीं पागल, शादी करने की इच्छा जताई तो उड़ गए सबके होश

13 तारीख को जब सभी तीनों बहनें अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंची तो समाज के रामसेवक बरेठ संभागीय अध्यक्ष निवासी अमरूवा जांजगीर चांपा, दीपक बरेठ संभागीय महासचिव निवासी सिवनी, जांजगीर चांपा, रामसिंह कर्ष अध्यक्ष पवनी परिक्षेत्र झेरिया धोबी बरेठ समाज ग्राम बेलारी, गणेशराम कर्ष निवासी भटगांव बलौदा बाजार आदि ने कहा कि तुम सभी समाज से बहिष्कृत हो इसलिए अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकते हो।

BIG BREAKING: मुख्यमंत्री ने किया ये बड़ा ऐलान, प्रदेश के ये क्षेत्र बनेंगे नए तहसील और उप तहसील

बेटियों द्वारा काफी अनुनय विनय करने पर उन सभी को मिलकर 1.50 लाख रूपए दण्ड स्वरूप जमा करने तथा उक्त राशि को जमा करने के बाद ही समाज में शामिल होने तथा दुख-सुख के कार्य में शामिल होने का फरमान सुनाया गया। आवेदिकाओं ने बताया कि वे सभी ग्राम मटिया में 11 अगस्त को हुए विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन कार्यक्रम में सम्मिलित हुई थीं।

इस कार्यक्रम में समाज के बड़े पदाधिकारियों के बीच गुटबाजी तथा खींचतान थी। इस कार्यक्रम में शामिल होने के फलस्वरूप इन बेटियों को अपने पिता के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है। आवेदिकाओं ने बताया कि इस कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से मटिया क्षेत्र के 18 ग्राम के समाजिकजनों को समाज से इसी प्रकार बहिष्कृत कर दिया गया है जिसको प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर द्वारा आपरेशन समाज वापसी कार्यक्रम के तहत चरण धोकर पुष्पहार से स्वागत कर फिर से समाज की मुख्य धारा से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि उनके पिता का दशगात्र तथा नहावन कार्यक्रम 22 सितंबर को भटगांव में है। परंतु इस कार्यक्रम में हम तीनों बहनों को जाने से रोकने के लिए समाज के उक्त नेताओं द्वारा मायके परिवार वालों को भी चेतावनी दी गयी है कि यदि बहनों को बुलाया जाएगा तो उनका भी बहिष्कार कर दिया जाएगा। इसकी जानकारी आवेदिकाओं के भाई नम्मू कर्ष ने अपनी बहनों को दी है।

उन्होंने पुलिस तथा प्रशासन से फरियाद करते हुए 22 सितंबर को अपने पिता के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल कराए जाने तथा पर्याप्त सुरक्षा दिए जाने की फरियाद करते हुए समाज में खाप पंचायत चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मृतक की पीड़ित बेटियों ने अपने प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर के साथ बीते दिनों पुलिस मुख्यालय राजधानी पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशासन आर.के.विज से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

श्री विज ने जिला पुलिस अधीक्षक नीतू कमल को समुचित कार्रवाई कर मृतक की बेटियों को दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने के लिए समुचित व्यवस्था और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।

जिम्मेदारों का कहना है -
॰ इस संबंध में जिले की पुलिस अधीक्षक नीतू कमल ने कहा कि उन्हे मामले की पूरी शिकायत मिली है। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल को जांच का निर्देश दिया है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

॰ इस संबंध में सूरज निर्मलकर प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ धोबी समाज ने कहा कि समाज में इस तरह के कानून नहीं चलने दिया जाएगा। अगर किसी से कोई गलती हुई भी है तो मिलजुल कर बात किया जा सकता है और पिता के क्रियाकर्म, दशगात्र के बाद भी चर्चा किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ की सरकारी नौकरियों में 82 प्रतिशत आरक्षण के लिए अध्यादेश, कोर्ट ने मांगा जवाब

किसी से गलती हुई है तो उनसे सामाजिक नियम के तहत प्रायश्चित भी करवाया जा सकता है लेकिन समाज के नियम कानून से ऊपर नहीं हैं चाहे कोई कितना भी बड़ा मुखिया हो मनमानी नहीं कर सकता और समाज के किसी भी बेटी या बेटा को उनके पिता माता के अंतिम क्रिया कर्म से वंचित नहीं कर सकता है। इस तरह की ब्लैकमेलिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी ही चाहिए।

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

बलोदा बाज़ार

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग