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बेटी को कोलकाता मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिला दूंगा, कहकर 8 लाख की ठगी, आरोपी नोएडा से गिरफ्तार

Big fraud: नीट में कम स्कोर आने पर नहीं मिल रही थी सीट, अज्ञात शख्स ने छात्रा के मोबाइल पर फोन कर एडमिशन कराने का दिया था झांसा, छात्रा के पिता को फर्जी लेटर भेजकर लिया झांसे में
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बलरामपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 2 Feb 2024, 8:33 PM IST

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बलरामपुर. Big fraud: बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के फेर में पडक़र बलरामपुर क्षेत्र के ग्राम दहेजवार निवासी एक व्यक्ति करीब 8 लाख रुपए की ठगी का शिकार हो गया था। पीडि़त की रिपोर्ट पर बलरामपुर पुलिस ने मामले की जांच करते हुए यूपी के नोएडा में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। दरअसल आरोपी ने छात्रा व उसके पिता को 15 हजार 500 रुपए की डीडी लेकर कोलकाता बुलाया था। यहां उसने डीडी तो रख लिया लेकिन बाद में मोबाइल बंद कर लिया था। जब एडमिशन लेटर लेकर वे कॉलेज पहुंचे तब पता चला कि लेटर फर्जी है।


गौरतलब है कि ग्राम दहेजवार निवासी सुभाष यादव की पत्नी बलरामपुर क्षेत्र में शिक्षिका है। वह परिवार समेत बलरामपुर में ही रहते हैं। उनकी पुत्री पुष्पलता यादव का इस वर्ष के नीट एक्जाम में 491 स्कोर आया था। नीट स्कोर के आधार पर मेडिकल कालेज में सीट आवंटन नहीं हो पा रहा था।

इस बीच 2 अक्टूबर को सीट आवंटन के लिए सुभाष यादव की बेटी के मोबाइल पर 8420865457 नंबर से फोन आया। उधर से बात करने वाले शख्स ने अपना गलत नाम रोहित रंजन बताते हुए कहा कि आपको कॉलेज में सीट मिल जाएगी, लेकिन इसके लिए आपको 3 लाख रुपए जमा करना होगा।

इसके बाद 9 अक्टूबर 2023 को उसी व्यक्ति द्वारा फर्जी अलॉटमेन्ट लेटर भेजा गया। लेटर को असली समझ कर सुभाष यादव उसके झांसे में आ गया। फिर ठग द्वारा बताए खाता नंबर 217901002376 में 3 लाख रुपए 9 अक्टूबर को ही जमा कर दिए।

इसके कुछ दिनों पश्चात 15 अक्टूबर को एडमिशन लेटर मिलने पर 16 अक्टूबर को सुभाष यादव ने पुन: उसके कहने पर 2 लाख रुपए उसी खाता नंबर में जमा कर दिए। इसके बाद अलग-अलग दिन हुई बातचीत के बाद उन्होंने 2 लाख 71 हजार 500 रुपए और ठग को विभिन्न माध्यमों से भेज दिए थे।

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कोलकाता गए तब फर्जीवाड़े की मिली थी जानकारी
9 अक्टूबर को काउंसिलिंग के लिए सुभाष यादव व उसकी पुत्री पुष्पलता यादव को ठग द्वारा कोलकाता बुलवाकर 15 हजार 500 रुपए का डीडी रख लिया गया था। इसके बाद 9 नवंबर तक सुभाष यादव का उक्त ठग से संपर्क रहा। फिर सुभाष यादव ने उससे कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सभी नंबर बंद मिले।

फिर सुभाष यादव 4 दिसंबर को अपनी पुत्री के साथ मेडिकल कॉलेज कोलकाता गए तो उन्हें पता चला कि उनको मिला एलॉटमेंट व एडमिशन लेटर फर्जी है। उन्हें बताया गया कि आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है। तब सुभाष यादव को ठगी का एहसास हो गया। सुभाष यादव से 7 लाख 71 हजार 500 रुपए की ठगी हुई थी।

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नोएडा से पकड़ा गया आरोपी, ठगी की रकम हुई वापस
पीडि़त की रिपोर्ट पर बलरामपुर पुलिस अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420, 67 आईटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच में जुटी थी। विवेचना के दौरान आरोपी के यूपी के नोएडा में होने की जानकारी मिली।

इस पर बलरामपुर पुलिस व साइबर टीम ने नोएडा में दबिश देकर आरोपी पंकज कुमार पिता तपेश्वर शर्मा उम्र 40 वर्ष निवासी जगदीशपुर जिला गया बिहार को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के पास से पुलिस ने 6 नग फर्जी खाते के एटीएम डेबिट कार्ड व मोबाइल फोन जब्त किए। साथ ही इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी द्वारा ठगी गई रकम भी प्रार्थी को वापस करा दी।


कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई में निरीक्षक नरेंद्र त्रिपाठी, अश्विनी सिंह, शीपक रंजन शर्मा, प्रधान आरक्षक शीपक रंजन शर्मा, विवेकमणि तिवारी, आरक्षक गजेंद्र भगत, अमित एक्का, कृष्णा हलदार, साइबर सेल से मंगल सिंह, राजकमल सैनी, राजकिशोर व सुखलाल सिंह शामिल रहे।