
डीजे पर प्रतिबंध के निर्देशों का नहीं दिखा असर
हुब्बल्ली. हुब्बल्ली-धारवाड़ जुड़वां शहर की गणेशोत्सव समितियों पर जिला प्रशासन का आदेश तथा पुलिस विभाग की चेतावनी का कोई असर नहीं पड़ा। गणेश उत्सव की आड़ में डीजे साउंड का शोर व हंगामा लोगों के जी का जंजाल बन गया है। कई जगह शराबियों की ओर से की जाने वाली ऐसी मनमानी के आगे पुलिस भी घुटने टेकने को मजबूर दिख रही है।
जिला प्रशासन पिछले चार-पांच वर्षों से जनता की इस समस्या के मद्देनजर डीजे साउण्ड सिस्टम का इस्तेमाल नहीं करने का सार्वजनिक गणेशोत्सव समितियों को निर्देश देता आया है। इस बारे हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर पुलिस आयुक्तालय ने भी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। इसी बीच उच्चतम न्यायालय ने भी 40 डेसिबल से अधिक आवाज करने वाले ध्वनिप्रसारकों का इस्तेमाल नहीं करने के आदेश देकर आदेश पर सख्ती से अमल करने के राज्य सरकारों तथा जिला प्रशासनों को निर्देश दिए गए हैं लेकिन ये निर्देश बेअसर दिखाई दे रहे हैं।
मोहर्रम तथा गणेशोत्सव से पूर्व पुलिस विभाग व जिला प्रशासन ने सभी धर्मों के नेताओं की सौहार्द बैठक बुलाकर चर्चा की थी, जहां पुलिस आयुक्त ने खुद डीजे के मुद्दे पर कहा था कि किसी भी कारण गणेशोत्सव समिति 40 डेसिबल से अधिक आवाज बाहर निकालने वाले ध्वनिवर्धकों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उच्चतम न्यायालय का आदेश है जिसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस आगे नहीं आए, इस बारे में समितियां सतर्कता बरतेंगे इसका हमें पूरा विश्वास है।
इस दौरान वहां मौजूद महामंडल के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के सामने ही आयुक्त को विश्वास दिलाया था। इतना ही नहीं शांतिपूर्वक उत्सव मनाने के बारे में पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्तों ने महामंडलों के साथ कई बार बैठकें कर डीजे के बारे में चेतावनी भी दी थी। इन सब चेतावनियों का उत्सव समितियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
कुछ उत्सव समितियों की ओर से सातवें तथा नौंवे दिन गणपति प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाते समय हिन्दू परम्परा के पूरक भजन, लोकगीत व लोक नृत्यों को प्रदर्शित किया गया था परन्तु कुछ समितियों ने प्रतिष्ठा के लिए 20, 25 फीट ऊंचाई तक दस-बीस साउण्ड बाक्स लगाकर डीजे के जरिए गणपति विसर्जन जुलूस निकाले।
शाम तक मूर्तियों का विसर्जन कर शांति कायम रखने की सलाह देने के बाद भी प्रतिष्ठापना स्थल से गणपति की मूर्ति को नहीं उठाकर रात्रि नौ-दस बजे डीजे के भारी शोर के बीच दो-तीन किलोमीटर जुलूस रात्रि से सुबह तक कुछ कालोनियों के निवासियों की नींद खराब की है। डीजे के शोर से कांपती जमीन व भारी शोर से कालोनी के निवासियों, खासतौर पर वृध्दों, बच्चों तथा बीमारों की को नींद नहीं होने से कई समस्या झेलनी पड़ी।
इनका कहना है
सब कुछ एक साथ सम्भव नहीं
&ध्वनिप्रसारक यंत्रों के इस्तेमाल के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के आदेश का हर एक को पालन करना चाहिए परन्तु सब कुछ एक साथ सम्भव नहीं होता। विभिन्न चरणों में डीजे का इस्तेमाल बंद करने के उत्सव समितियों को निर्देश दिए जाएंगे।
अमरेश हिप्परगी, सचिव, गणेशोत्सव समिति महामंडल
कई बार दिए निर्देश
&जनता को समस्या होने की तर्ज पर ध्वनिप्रसारक यंत्रों का इस्तेमाल नहीं करने के कई बार समितियों को निर्देश व चेतावनी दी है। 11वें दिन के विसर्जन जुलूस के दौरान इस्तेमाल नहीं करने के एक बार फिर से निर्देश देंगे।
एम.एन नागराज, पुलिस आयुक्त, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर
Published on:
23 Sept 2018 10:53 pm
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