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राज्य में बढ़ा 29 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र

प्रदेश में पिछले तीन साल के दौरान पौधरोपण के चलते करीब 28900 हेक्टेयर वन क्षेत्र का विस्तार हुआ है

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Shankar Sharma

Jul 03, 2016

bangalore news

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बेंगलूरु. प्रदेश में पिछले तीन साल के दौरान पौधरोपण के चलते करीब 28900 हेक्टेयर वन क्षेत्र का विस्तार हुआ है। सरकार ने इस दौरान 13.9 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा था लेकिन 17.5 करोड़ पौधे लगा दिए गए।

वन विभाग एवं कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अड़कमारनहल्ली में मोरारजी देसाई आवासीय स्कूल एवं पीयू कॉलेज परिसर में आयोजित वन महोत्सव में मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के लिखित वक्तव्य में यह बात कही गई। सिद्धरामय्या को इस कार्यक्रम में शामिल होना था लेकिन उनकी अनुपस्थिति में वन मंत्री रमानाथ रई ने मुख्यमंत्री के वक्तव्य का वाचन किया।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य में 31707 हेक्टेयर वन क्षेत्र का विस्तार करने के लिए 4.33 करोड़ पौधों की नर्सरी लगाई गई है। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने के लिए कृषि एवं अन्य भूमि क्षेत्र में जून माह तक 2.7 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। सरकार किसानों के सहयोग से वन क्षेत्रों के विस्तार की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए कृषि वन प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। 16.46 लाख किसानों को 226.43 लाख पौधे नि:शुल्क वितरित किए गए हैं। हरित गांव योजना शुरू करने के लिए सभी तहसीलों से 176 गांवों का चयन कर 3 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

प्रदेश में सर्वाधिक बाघ और हाथी
उन्होंने बताया कि पूरे देश में हाथियों एवं बाघों की सबसे ज्यादा आबादी प्रदेश में है। भद्रा वन एवं मैसूरु के हाथियों के संरक्षण के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। हासन में हाथियों के संरक्षण के लिए 5 हजार एकड़ क्षेत्र आरक्षित किया गया है। इसके लिए 20 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जंगलों में जानवरों के हमलों से मौत पर मिलने वाला मुआवजा बढ़ा दिया गया है। पहले ऐसे मामलों में मुआवजे की राशि 3 लाख रुपए थी। लेकिन अब मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए मुआवजा मिलेगा।

जंगल टूर कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में वन संबंधी विषय शामिल करने के अलावा अधिक से अधिक छात्रों को जंगल की सैर कराई जाएगी। पिछले साल 14600 छात्रों को जंगलों टूर कराया गया। अब इनकी संख्या में विस्तार किया जाएगा।

राज्य के प्रयासों को मिली सराहना
कार्यक्रम में वन मंत्री रमानाथ रई ने कहा कि वन विभाग के कार्यालयों में आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं साफ्टवेयर का उपयोग करने पर राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। मैसूरु चिडिय़ाघर एवं बन्नेरघट्टा नेशनल पार्क में अच्छी पर्यटक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। वन संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा के लिए सरकार ने 156 अधिकारियों, 127 वन संरक्षकों और 441 वन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यावरण एवं तालाबों की रक्षा के लिए सरकार ने कर्नाटक तालाब संरक्षण एवं विकास प्राधिकरण का गठन कर इसके विकास के लिए 16 करोड़ रुपए जारी किए हैं। कार्यक्रम में वन विभाग एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे। प्रदेश मे वन महोत्सव 2 से 10 जुलाई तक मनाया जा रहा है।

5 दिन में प्रदेशभर में लगेंगे 1 करोड़ पौधे
मैसूरु. कोटि वृक्ष अभियान के तहत वन विभाग अगले पांच दिन में प्रदेशभर में एक करोड़ पौधे लगाएगा। चरणबद्ध तरीके से 7 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। मैसूरु में 31 लाख पौधे लगाने की योजना है। इनमें से 8 लाख पौधे एक सप्ताह में लगाए जाने हैं। उप वन संरक्षक वी. करिकलन ने बताया कि मैसूरु के अस्पताल, स्कूल, सरकारी कार्यालय और आवासीय क्षेत्रों में 35 हजार पौधे लगाए जाएंगे। केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान में 3 हजार और ललितद्रीपुर ले-आउट में 2500 पौधे लगाने की योजना है। वन विभाग के पास पौधों की कमी नहीं है। मैसूरु डिवीजन में 31 लाख पौधे उपलब्ध हैं। इससे मैसूरु जिले के करीब 20 फीसदी क्षेत्र को हराभरा करने में मदद मिलेगी। कृषि अरण्य प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लाखों पौधे उपलब्ध हैं।

देशी प्रजाति और फलदार पौधों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वन विभाग, गैर सरकारी संस्थान सहित अन्य सरकारी विभाग के कर्मचारी और अधिकारी इसमें सहयोग करेंगे। पौधे देशी प्रजाति के होंगे। तीन साल तक वन विभाग पौधों की देख-रेख करेगा।