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खनन उद्योग में सकल घरेलू उत्पादन बढ़ाने की क्षमता : हरिभाई चौधरी

फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रिज की ओर से आयोजित खनन, खनिज उत्पादों की व्यापार प्रदर्शनी

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खनन उद्योग में सकल घरेलू उत्पादन बढ़ाने की क्षमता : हरिभाई चौधरी

बेंगलूरु. देश के खनिज उत्पादन में अगर 5 फीसदी बढ़ोतरी होती है तो इससे देश का सकल घरेलू उत्पादन दो गुणा बढ़ सकता है। देश में खनिज उत्पाद को बढ़ाना देने के साथ-साथ केंद्र सरकार इस उद्योग से जुड़े सभी वर्गों की समस्याएं सुलझाने के लिए तैयार है। केंद्रीय खनिज राज्य मंत्री हरिभाई चौधरी ने यह बात कही।

शहर में फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रिज की ओर से आयोजित खनन, खनिज उत्पादों की व्यापार प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में जो भी सकारात्मक सुझाव प्राप्त होंगे उन्हें लागू करने का मंत्रालय हर प्रयास करेगा। खनिज उत्पादन में आज आस्ट्रेलिया तथा कैनेडा विश्व में अग्रणी हैं। लेकिन हमारे देश में खनिज का विपुल भंडार होने के बावजूद इस क्षेत्र पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया और हम आज भी पिछड़े हुए हैं।

केंद्र सरकार ने हाल में एनएमडीआर ऐक्ट में संशोधन कर इस मामले में राज्यों को अधिक अधिकार प्रदान किए हैं। इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सुनील दुग्गल ने कहा कि देश में उपलब्ध विपुल खनिज भंडारों का अपेक्षित उपयोग नहीं किए जाने से हम आज भी सोने और तांबे जैसे खनिजों के लिए विदेशों पर निर्भर हैं। आत्मनिर्भरता और खनिज उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए मौजूदा खनिज ऐक्ट में कई संशोधन लाने होंगे। निजी क्षेत्र को केवल खनन के लिए नहीं बल्कि ऐसे उत्पादों की बिक्री का भी अधिकार मिलना चाहिए तभी इस क्षेत्र में निजी क्षेत्र के निवेश कई गुणा बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि निवेश के लिए उत्सुक उद्यमी को खनिज ब्लॉक की नीलामी से लेकर ऐसे ब्लॉक के हस्तांतरण में अभी काफी समय लग रहा है। इसके लिए सरकारी कार्यालयों के कई चक्कर काटने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए निर्धारित कार्यकाल तय किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर उपस्थित पेरू के राजदूत जॉर्ज जुआन कैस्टेंडा ने कहा कि पेरू देश में तांबा, लेड तथा झिंक जैसे खनिज विपूल मात्रा में उपलब्ध है। पेरु चाहता है कि भारत के उद्यमी इन खनिजों के उत्पादन क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश करें। इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए यहां की सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम समेत कई योजनाएं शुरू की है।