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वायुसेना मुख्यालय स्कूल विजेता, बेंगलूरु कमान स्कूल उपविजेता

यह वार्षिक प्रतिस्पर्धा खिलाडिय़ों को खेल एवं एथलेटिक्स के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने का मार्ग प्रशस्त करेगा
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वायुसेना मुख्यालय स्कूल विजेता, बेंगलूरु कमान स्कूल उपविजेता

बेंगलूरु. अखिल भारतीय वायुसेना स्कूल एथलेटिक्स एवं खेल प्रतिस्पर्धा का समापन समारोह गुरुवार को जालहल्ली स्थित वायुसेना केन्द्र में हुआ। 27 अगस्त को शुरू हुई प्रतियोगिता में छह खेलों में 14 आयोजन हुए जिसमें आठ प्रतिस्पर्धी टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई। वायुसेना स्कूल के विद्यार्थियों की यह वार्षिक प्रतिस्पर्धा खिलाडिय़ों को खेल एवं एथलेटिक्स के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

वायुसेना प्रशिक्षण कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ एयार मार्शल आरकेएस भदौरिया, वायुसेना वाइवस कल्याण संघ (क्षेत्रीय) की अध्यक्ष आशा भदौरिया और प्रशिक्षण कमांड के वरिष्ठ एयर स्टॉफ अधिकारी एयर मार्शल एसके घोटिया ने खिलाडिय़ों को ट्रॉफियां एवं मेडल प्रदान किए। ओवरऑल चैम्पियनशिप के विजेता वायु सेना मुख्यालय के खिलाड़ी रहे जबकि दक्षिण पश्चिम वायु कमाडं दूसरे नम्बर पर रही।
एयर मार्शल भदौरिया ने खेलों में अनुशासन, सामूहिकता और शारीरिक रूप से फिट तथा मानसिक रूप से चुस्त रहने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने चैम्पियनशिप के सफल आयोजन के लिए जालहल्ली स्कूल कर्मचारियों और वायु सेना स्टेशन की सराहना की।

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छह साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी
बिजली मीटर फटने से 60 फीसदी तक जलने के बाद बचाई जान
बेंगलूरु. शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने करीब ६० फीसदी तक जले छह साल के बच्चे को बचा लिया। आम तौर पर 40 फीसदी से ज्यादा जले बच्चों को बचा पाना बेहद मुश्किल होता है। बिजली का मीटर फटने से बच्चे का शरीर झुलस गया था। पिछले करीब ढाई महीने से उसका उपचार जारी था। कई बार ड्रेसिंग, त्वचा ग्राफ्टिंग व फिजियोथैरेपी के बाद बच्चे की जिंदगी पटरी पर लौटी है। रैम्बो चिल्ड्रंस अस्पताल के डॉ. सुजाता त्यागराजन ने बताया कि इससे पहले सात दिनों तक वह वेंटिलेटर पर रहा।

फिर कई दिनों तक आइसीयू में उपचार चला। कई सप्ताह तक उसे ट्यूब के जरिए तरल भोजन दिया गया। मरीज अकैमस तिग्गा (6) 25 मई को घर की बालकनी में खेल रहा था। मां रसोई में काम कर रही थी। तभी जोर से धमाका हुआ। आवाज सुन मां बाहर आई तो देखा बच्चा आग की लपटों में था। आग पर काबू पा मां बच्चे को फौरन अस्पताल ले गई।वह 60 फीसदी तक जल चुका था। घुटनों से नीचे का हिस्सा और चेहर बुड़ी तरह जल चुका था। दरअसन ऊपरी मंजिल पर बिजली मीटर में धमाका हुआ था। मीटर में आग लग गई थी। लपटों ने बच्चे को भी अपनी चपेट में ले लिया था।