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केवल कन्नड़ में लिखी फाइलों पर हस्ताक्षर करेंगे मुख्यमंत्री

किसी अन्य भाषाओं में अगर कोई फाइल उनके पास पहुंचती है तो वे उस पर किसी हालत में हस्ताक्षर नहीं करेंगे

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VIDHANSAUDHA

केवल कन्नड़ में लिखी फाइलों पर हस्ताक्षर करेंगे मुख्यमंत्री

बेंगलूरु. एक नवम्बर से मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी उनके पास मंजूरी के लिए आने वाली फाइलों में से केवल कन्नड़ भाषा में लिखी फाइलों पर ही हस्ताक्षर करेंगे। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव टी.एम. विजयभास्कर को मौखिक निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि कन्नड़ के अलावा अंग्रेजी समेत किसी अन्य भाषाओं में अगर कोई फाइल उनके पास पहुंचती है तो वे उस पर किसी हालत में हस्ताक्षर नहीं करेंगे। अगर फाइल किसी अन्य भाषा में है तो इसे कन्नड़ में अनुवादित करने के बाद ही उनके सामने लाने के निर्देश दिए गए हैं।

कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से प्रशासन में कन्नड़ भाषा की अनदेखी किए जाने की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने यह फैसला किया है। इसके अलावा कन्नड़ विकास प्राधिकरण द्वारा भी कई बार सरकार को मौखिक और लिखित रूप से कहा जा चुका है कि प्रशासनिक कार्यों में कन्नड़ भाषा के प्रयोग के प्रति लापरवाही बरती जा रही है।

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आठ हजार अभ्यर्थियों को नतीजों का इंतजार
परीक्षा के 10 माह बाद भी केपीएससी ने जारी नहीं किए परिणाम
बेंगलूरु. कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) ने 421 गैजेटेड प्रोबेशनर्स (केएसएस) की भर्ती के लिए करीब 10 माह पहले मेन परीक्षा का आयोजन किया था। लेकिन 8000 से भी ज्यादा अभ्यर्थियों को अब भी नतीजों का इंतजार है। सभी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। धारवाड़ जिले के अभ्यर्थी सुनील ने बताया कि केपीएससी नतीजों की घोषणा को लेकर चुप्पी साधे हुए है।

केपीएससी के सचिव और परीक्षा नियंत्रक से बार-बार संपर्क करने पर भी सही जवाब नहीं मिल पा रहा है। अभ्यर्थी जब पिछली बार पूछताछ करने आए थे तो अधिकारियों ने नतीजों की घोषणा 22 अक्टूबर को होगी कहकर लौटा दिया था, पर ऐसा नहीं हुआ।


मूल्यांकनकर्ताओं की कमी के कारण देरी
केपीएससी के कुछ कर्मचारियों के अनुसार दोहरे सत्यापन व कुछ विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं के लिए मूल्यांकनकर्ताओं की कमी के कारण देरी हो रही है। जबकि केपीएससी के अध्यक्ष श्याम भट्ट ने यह कहकर टिप्पणी करने से मना कर दिया कि परीक्षा संबंधित मामलों में हस्तक्षेप उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।


आयोग की सिफारिशें दरकिनार
केपीएससी ने गत वर्ष दिसम्बर में परीक्षा का आयोजन किया था। होटा आयोग की सिफारिशों के अनुसार अधिसूचना जारी करने की तिथि के दिन से 10-12 माह के अंदर परीक्षा संबंधित सारी प्रक्रियाएं पूरी हो जानी चाहिए। यहां तक कि नियुक्ति पत्र भी जारी हो जाने चाहिए। केपीएससी ने गत वर्ष मई में अधिसूचना जारी की थी।

एक अन्य अभ्यर्थी समर ने बताया कि होटा आयोग ने यह सिफारिश भी की थी कि जिस तरह संघ लोक सेवा आयोग भर्ती के लिए हर वर्ष परीक्षा का आयोजन करता है, उसी तरह केपीएससी भी परीक्षा का आयोजन करे। ताकि उम्र संबंधित कारणों से कोई भी व्यक्ति परीक्षा से वंचित न रहे। पर केपीएससी ने इस सिफारिश को भी ठंडे बस्ते में डाल रखा है।