
देवराज अर्स के साहसी क्रांतिकारी फैसले बेमिसाल : मुख्यमंत्री
बेंगलूरु. समाज के प्रभावशाली समुदायों के विरोध के बावजूद देवराज अर्स ने कर्नाटक भूमि सुधार कानून में संशोधन और बंधुआ मजदूरी पर प्रतिबंध जैसे कई साहसी फैसले लिए। इन क्रांतिकारी फैसलों के कारण राज्य की सामाजिक व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन संभव हुआ। समाज के पिछड़े, दलित तथा शोषित लोगों को सामाजिक न्याय मिलना सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री बीएस यडियूरप्पा ने यह बात कही।
उन्होंने यहां शनिवार को विधानसौधा परिसर में देवराज अर्स की 38 वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में कहा कि देवराज अर्स से समाज के पिछड़े समुदाय को सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित की। उनके कार्यकाल में ही इस वर्ग का प्रतिनिधित्व करनेवाला नेतृत्व विकसित हुआ।उन्होंने कहा कि उससे पहले राज्य में कृषि भूमि तथा सत्ता केवल एक दो प्रभावशाली समुदायों के हाथ में थी। उनके विरोध की परवाह नहीं करते हुए अर्स ने समाज को कमजोर वर्गों को सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित की।
उनके इस योगदान को कभी नहीं भूला जा सकता। ऐसे समुदाय के लोगों को नौकरियों में आरक्षण भी देवराज अर्स की देन है।आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी के 20 सूत्री कार्यक्रमों को लागू कर देवराज अर्स ने समाज के शोषित तथा पिछड़ों को सामाजिक न्याय दिलाने में महती भूमिका निभाई थी। देवराज अर्स ने ही मैसूरु राज्य का नाम बदल कर कर्नाटक किया था। इस घोषणा के कारण से ही बहुप्रतीक्षित संयुक्त कर्नाटक का सपना साकार हुआ था। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री गोविंद कारजोल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्रीरामुलु उपस्थित थे।
Published on:
07 Jun 2020 07:19 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
