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कोडुगू में सेवा देना चाहते हैं चिकित्सक व नर्सें

जिले में 1400 से ज्यादा पद रिक्त

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कोडुगू में सेवा देना चाहते हैं चिकित्सक व नर्सें

बेंगलूरु. प्रदेश के कई निजी चिकित्सकों व नर्सों ने बाढ़ प्रभावित कोडुगू में सेवा देने की इच्छा जताई है। स्वास्थ्य विभाग की हरी झंडी का इंतजार है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इस पर नाराजगी भी जताई है क्योंकि आम तौर पर ये नर्सें व चिकित्सक कोडुगू व अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के निदेशक डॉ. रतन केलकर ने बताया कि 320 से भी ज्यादा विशेषज्ञ चिकित्सकों व करीब 150 नर्सों ने कोडुगू में सेवा देने की इच्छा जताई है।

ज्यादा वेतन देने के बावजूद ज्यादातर चिकित्सक कोडुगू व इसके अन्य क्षेत्रों में नौकरी नहीं करना चाहते हैं। इस कारण जिले के सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों व नर्सों के 940 पदों में से 486 पदों पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे चिकित्सक अब कोडुगू जाने के इच्छुका हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग इनका स्वागत करता है। इच्छुक चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी स्वास्थ्य विभाग के वेबसाइट पर जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं।

बाढ़ प्रभावितों के लिए पहले से तैयार आवासों का निर्माण होगा
बेंगलूरु. शहरी विकास व आवासन मंत्री यू.टी. खादर ने कहा कि कोडुगू जिले में जिन लोगों ने बाढ़ व भूस्खलन के कारण अपने मकान खोए हैं उनके लिए राज्य सरकार प्रीफेब्रिकेटेड तकनीक का इस्तेमाल कर तेजी से आवास बनवाएगी। खादर ने सोमवार को यहां कहा कि आवासन विभाग आधुनिक आवासों का निर्माण कराएगा। योजना को शीघ्रता से लागू करने का ब्लू प्रिंट तैयार है। बाढ़ व भूस्खलन के कारण 1120 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और इनमें से 186 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए। नए मकान पश्चिमी घाट के इस जिले के मौसम के अनुकूल होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ी जिलों में मकान निर्माण की पृथक नीति बनाने पर विचार कर रही है।


तीन माह में शुरू होगा निर्माण
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक लाख मकान निर्माण योजना का कार्य अगले तीन माह में शुरू हो जाएगा। बेंगलूरु शहर व आसपास के इलाकों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए एक लाख मकान बनाने की योजना को लागू करने का निर्णय किया गया है। इस योजना के तहत बनाए जाने वाले हर मकान की लागत 6 लाख रुपए आएगी और राज्य सरकार इसमें से 2.70 लाख रुपए की सब्सिडी देगी और शेेष रकम बैंकों से ऋण के तौर पर दिलाई जाएगी। शहर के विभिन्न इलाकों में 257 एकड़ जमीन और 49 हजार लाभार्थियों का चयन कर लिया गया है। अगले चरण में 51 हजार लाभार्थियों से आवेदन मांगे जाएंगे।


स्पंदना कॉल सेंटर की स्थापना
मंत्री ने कहा कि आवासन विभाग से सबंधित पूछताछ के लिए स्पंदना काल सेन्टर शुरू किया जाएगा। इसके जरिए आम जन आवास योजनाओं के संबंध में अर्जी भेजने की जानकारी, मंजूरी, अनुदान जारी होने सहित राजीव गांधी आवास योजना के बारे में तमाम जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। 10 सितंबर को इस काल सेंटर का उद्घाटन किया जाएगा और आम जन 08 0-23118 8 8 8 पर काल करके वांछित जानकारी हासिल कर सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि बेंगलूरु से मंगलौर के बीच की सड़कों के भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त होने के बाद दोनों सड़कों के बीच वायुसेवा प्रदान करने वाली कंपनियों ने किराया बढ़ा दिया है लिहाजा उन पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा है।