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उच्च न्यायालय के निर्देश : बीटीपीआरडी के चुनाव करवाएं

बताया जाता है कि इन्होंने ही तहसीलदार पर दवाब डालकर बैंक का चुनाव टालने का प्रयास किया था

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उच्च न्यायालय के निर्देश : बीटीपीआरडी के चुनाव करवाएं

बेंगलूरु. उच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ ने बुधवार को बेलगावी के तहसीलदार को बेलगावी तहसील प्रायमरी एंड ग्रामीण विकास बैंक (बीटीपीआरड) के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के चुनाव करने के निर्देश जारी किएहै। उच्च न्यायालय के इस फैसले से जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता जारकीहोली बंधुओं को करारा झटका लगा है। बताया जाता है कि इन्होंने ही तहसीलदार पर दवाब डालकर बैंक का चुनाव टालने का प्रयास किया था। जारकीहोली बंधुओं के इस फैसले के खिलाफ कर्नाटक प्रदेश महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष विधायक लक्ष्मी हेब्बालकर नें तहसीलदार कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया था।

उसके पश्चात उनके समर्थक बैंक के 9 निदेशकों ने चुनाव कराने की मांग को लेकर धारवाड़ पीठ में याचिका दायर की। न्यायालय ने इस याचिका की सुनवाई के पश्चात तहसीलदार को नियमों के अनुसार बैंक के पदाधिकारियों के चयन के लिए चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। बैंक में लक्ष्मी हेब्बालकर के समर्थक निदेशकों की संख्या 9 तथा जारकीहोली समर्थक निदेशकों की संख्या 4 होने के कारण इस बैंक पर अब लक्ष्मी हेब्बालकर गुट का कब्जा होना तय है।

लेकिन इस कानूनी जीत के बावजूद लक्ष्मी हेब्बालकर तथा जारकीहोली बंधु गुटों के बीच संघर्ष और तेज होने की संभावना है। यह दोनों गुट इस बैंक पर अधिकार जमाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। हाल में जारकीहोली बंधुओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को बेलगावी जिले की राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करने की चेतावनी देते हुए गठबंधन सरकार को गिराने की भी चेतावनी दी थी।

उसके पश्चात पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राज्य के प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल ने लक्ष्मी हेब्बालकर तथा जल संसाधन मंत्री डी.के. शिवकुमार को जारकीहोली बंधुओं के साथ पंगा नहीं लेने के लिए सूचित किया है। उसके पश्चात मंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी बेलगावी जिले की राजनीति में हस्तक्षेप से दूर रहने का बयान दिया है। जिसके कारण लक्ष्मी हेब्बालकर पर जारकीहोली बंधुओं की कार्यशैली से खुद को दूर रखने का दवाब और बढ़ गया है।