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जीवन में बदलाव चाहते हैं तो खुद को सुधारें:डॉ. वसंत विजय

कृष्णगिरी में महायज्ञ अनुष्ठान की पूर्णाहुति

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कृष्णगिरी. कृष्णगिरी पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम में डॉ. वसंत विजय के सान्निध्य में आयोजित 8 दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के समापन और महायज्ञ अनुष्ठान की पूर्णाहुति पर संत वसंत विजय ने कहा कि मां अमृत स्वरूपिणी हैं जो सुख समृद्धि और शांति रूपी अमृत की वर्षा करके हमारे जीवन को आनंदित करती है। भगवती अज्ञान को नष्ट करके हमें ज्ञानवान बनाती हैं।मां भगवती ललिता सहस्त्रनाम पाठ शिविर के आठवें और अंतिम दिन बुधवार को उन्होंने ने मां के नामों की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवती की कथा श्रवण, आराधना यज्ञ पूजा का परिणाम यही होना चाहिए कि हम समझ लें कि हमारा शरीर शुद्ध हो, वाणी शुद्ध हो दृष्टि शुद्ध हो, श्रवण शुद्ध हो, मन शुद्ध हो और आत्मा शुद्ध हो। यदि नहीं है तो उसका प्रयत्न करें। जो दुख चिंताएं आपके जीवन में आ रही हैं वह कहीं बाहर से नहीं आ रही हैं। अपने जीवन में बदलाव चाहते हो तो खुद को सुधारो ।

आठ दिवसीय महायज्ञ की लाखों की संख्या में दिव्य मंत्रों के साथ की पूर्णाहुति हुई। मां को विभिन्न प्रकार के 1300 भोग अर्पित किए गए। तीर्थ के प्रबंधन ट्रस्टी संकेश जैन छाजेड़. रितेश जैन, राजूसोनी मौजूद रहे। संत के दर्शन करने अमरीका से विश्व हिंदू परिषद की उपाध्यक्ष चारूमती और शिव कुमार के साथ शाह परिवार भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर गरीब परिवारों को राशन, कबंल और महिलाओं को साड़ियों का वितरण किया गया।