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ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को कर्नाटक विधानमंडल, संसद के ऊपरी सदनों में मिले प्रतिनिधित्व का मौका

- अक्कई ने सरकार से की कर्नाटक साहित्य अकादमी से उनका नाम हटाने की अपील -मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को कर्नाटक विधानमंडल, संसद के ऊपरी सदनों में मिले प्रतिनिधित्व का मौका

ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को कर्नाटक विधानमंडल, संसद के ऊपरी सदनों में मिले प्रतिनिधित्व का मौका

Karnataka सरकार ने प्रसिद्ध ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता Akkai Padmashali को कर्नाटक साहित्य अकादमी का सदस्य बनाया है, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार को पत्र लिखकर अकादमी से उनका नाम हटाने का अनुरोध किया है।

कांग्रेस पार्टी की मौजूदा सदस्य अक्कई ने कहा कि इसके बजाय, transgender community के सदस्यों को कर्नाटक विधानमंडल और संसद के ऊपरी सदनों में प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। दोनों नेताओं को लिखे अपने पत्र में, उन्होंने सम्मान के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया, लेकिन कहा, ‘मैं ट्रांस समुदाय के सदस्यों के लिए समाज में सामाजिक कलंक के खिलाफ अपनी लड़ाई के लिए जानी जाती हूं। इसके खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी। अनुरोध है कि मुझे अकादमी से हटा दें।

उन्होंने दोनों नेताओं से अपील की कि उन्हें समुदाय के खिलाफ कलंक से लडऩे के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए किसी भी उच्च सदन में नामांकित किया जाए। राज्य अब सर्व जनांगद शांति थोटा का गवाह बन रहा है, जहां सभी समुदायों के लोगों के साथ समान व्यवहार किया जाता है। अब से ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को सदन में शामिल किया जाना चाहिए।’