
बेंगलूरु. राज्य में भ्रष्टाचार के मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि सिद्धरामय्या सरकार ने राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है लेकिन भाजपा की पिछली सरकार ने भ्रष्टाचार के विश्व कीर्तिमान तोड़ दिए थे।
हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र की चार दिवसीय जन आशीर्वाद यात्रा के दूसरे दिन जनसभा में राहुल ने लोगों से पिछली भाजपा सरकार के दौरान की स्थिति को याद करने की बात कहते हुए सिद्धरामय्या सरकार की तारीफ की। राहुल ने कहा कि पांच साल के शासन के दौरान भाजपा ने तीन मुख्यमंत्री बदले, मुख्यमंत्री सहित ४ मंत्री जेल गए और ११ मंत्रियों को पद छोडऩा पड़ा। अपनी पार्टी की शासन के ऐसे इतिहास को भूलकर आज मोदी कांग्रेस पर भ्रष्टाचार को लेकर आरोप लगा रहे हैं जबकि स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
राज्य में जब भाजपा की सरकार थी तब एक के एक बाद घोटाले सामने आ रहे थे। खनन से लेकर ऐसा कोई क्षेत्र नहीं रहा जहां कोई घोटाला नहीं हुआ हो, लेकिन पिछले पांच साल के दौरान एक भी घोटाला सामने नहीं आया है। जिले में विभिन्न जगहों पर नुक्कड़ सभाओं के दौरान राहुल ने लोगों से कांग्रेस को समर्थन देने की अपील की। राहुल ने कहा कि चुनाव करीब आ गए हैं। कांग्रेस और सिद्धरामय्या का समर्थन कीजिए ताकि अगली बार हम आपके लिए बेहतर तरीके से काम कर सकें।
राहुल ने कहा कि सिद्धरामय्या के नेतृत्व में कांग्रेस ने वादे के मुताबिक काम किया है। सिद्धरामय्या बसवण्णा के सिद्धांतों का पालन करते हैं। राहुल ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा में अंतर हैं। हम वहीं कहते हैं जो करते हैं और जो कहते हैं उसे पूरा करते हैं। हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा देने के लिए संविधान के अनुच्छेद ३७१ में संशोधन के प्रस्ताव को भाजपा ने खारिज कर दिया था। तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का कहना था कि संशोधन करने से बाकी राज्यों में ऐसी मांग उठेगी लेकिन कांग्रेस सत्ता में आई तो संविधान संशोधन कर इस क्षेत्र को अनुच्छेद ३७१ (जे) के तहत विशेष दर्जा दिया गया जिससे इस क्षेत्र का तेजी से विकास हुआ। कलबुर्गी, बीदर और कोप्पल में चिकित्सा महाविद्यालय खुले।
मोदी ने खारिज किया ऋण माफी का प्रस्ताव
राहुल ने करतगी में कहा कि मोदी सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। राहुल ने कहा कि मैं खुद प्रधानमंत्री के पास गया था और उनसे प्राकृतिक आपदा के कारण संकट में घिरे किसानों का ऋण माफ करने की अपील की थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी खामोश रहे, उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।
राहुल ने कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है, कमी है तो नीतियों की। मोदी की नीतियों के कारण सरकार अपने पास मौजूद धन का एक भी हिस्सा किसानों को कर्ज माफी या बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य के तौर पर नहीं दे रही है। यूपीए सरकार ने पूरे देश में किसानों के ऋण माफ किए थे।
सिंधनूर में किसानों के साथ संवाद में राहुल ने कहा कि यह कड़वी हकीकत है कि सरकार के समर्थन और सहयोग के बिना किसानों के लिए खेती फायदेमंद नहीं है लेकिन मोदी किसानों को ऐसा समर्थन देने में विफल रहे हैं। राहुल ने किसानों से कहा कि जब हम सत्ता में आएंगे तो उन्हें फसलों का सही न्यूनतम मूल्य दिलाने के साथ ही कृषि ऋण भी माफ करेंगे।
राहुल ने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में आज के मोदी सरकार की तुलना में किसानों को फसल की ज्यादा अच्छी कीमत मिल रही थी। राहुल ने कहा कि नोटबंदी और दोषपूर्ण जीएसटी ने किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया जबकि उद्योगपतियों को इससे फायदा हुआ। इससे पहले गंगावती में भी राहुल ने सभा को संबोधित किया।
किसानों को मुश्किल हुई तो कर्नाटक की सरकार ने उनके लिए तालाब बनाए। इस योजना के तहत राज्य में किसानों के लिए 1.8 लाख तालाबों का निर्माण किया गया। इसके बाद शहर के लोगों ने कम से कम पैसे में खाने की मांग की तो सरकार ने उनके लिए इंदिरा कैंटीन का इंतजाम किया। रोजगार के मामले में मोदी ने खुद बताया कि सबसे ज्यादा रोजगार कर्नाटक में हैं।
मादिगा समुदाय ने किया प्रदर्शन
सदाशिव आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग को लेकर मादिगा समुदाय के लोगों ने कोप्पल के कुष्टगी कस्बे में राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल का वाहन आते ही सभा स्थल पर पहले से बैठे मादिगा आंदोलनकारियों ने मंच की ओर जाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने तुरन्त प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
दलितों को पैसे देने पर चुप हो जाते हैं पीएम
भाजपा की केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि मोदी कहते हैं कि मैं दलितों और आदिवासियों की मदद करता हूं। वह जहां भी जाते हैं दलितों और आदिवासियों का नाम एक बार जरूर लेते हैं लेकिन जब इन्हें पैसे देने का समय आता है तो इस पर प्रधानमंत्री चुप हो जाते हैं। कर्नाटक सरकार द्वारा उठाए कदम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अजा-जजा उपयोजना में मोदी सरकार ने पूरे हिन्दुस्तान के लिए 55 हजार करोड़ रुपए देते हैं लेकिन इस राशि के आधे के बराबर का हिस्सा करीब 27 हजार 700 करोड़ रुपया अकेले कर्नाटक की सरकार यहां दलित और आदिवासियों को देती है। यानी जो हम एक प्रदेश में करते हैं, उतना ही पैसा पीएम पूरे हिन्दुस्तान में बांटते हैं।
Published on:
12 Feb 2018 05:32 am
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