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कुलपति व निदेशक अध्ययन केंद्र को लेकर आमने-सामने

दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम में बाधा

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कुलपति व निदेशक अध्ययन केंद्र को लेकर आमने-सामने

बेंगलूरु. बेंगलूरु विश्वविद्यालय (बीयू) के कुलपति और बीयू दूरस्थ शिक्षा विभाग के निदेशक के बीच संपर्क अध्ययन केंद्र को लेकर ठन गई है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 30 अध्ययन केंद्र स्थापित करना आवश्यक है। बीयू तभी दूरस्थ कार्यक्रमों का संचालन कर सकेगा। कुलपति डॉ. के. आर. वेणुगोपाल चाहते हैं कि सरकारी कॉलेजों में अध्ययन केंद्र का संचालन हो। जबकि बीयू दूरस्थ शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. बी.सी. मयलरप्पा निजी कॉलेजों के पक्ष में हैं।
प्रो. मयलरप्पा के अनुसार सरकारी कॉलेजों में अध्ययन केंद्र होने से परेशानी होगी। केंद्रों की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं होगा। अध्ययन केंद्र आम तौर पर निजी कॉलेजों में ही होते हैं। इसका कारण यह है कि पाठ्यक्रम शुल्क का 40 फीसदी हिस्सा निजी कॉलेजों व शेष विश्वविद्यालय को जाता है और निजी कॉलेज अध्ययन केंद्र के लिए जगह व सुविधा देते हैं। सरकारी कॉलेजों में यह संभव नहीं है।
प्रो. मयलरप्पा ने बताया कि मामले को जल्द-से-जल्द सुलझाने की जरूरत है। यूजीसी कभी भी निरीक्षण कर सकता है। अध्ययन केंद्रों के अभाव में दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसा होता है तो बीयू और विद्यार्थी दोनों का नुकसान होगा। एक वर्ष बेकार हो जाएगा।
कुलपित प्रो. वेणुगोपाल का तर्क है कि प्रदेश में जब सरकारी कॉलेजों की कमी नहीं है तब निजी कॉलेजों में अध्ययन केंद्र स्थापित कर उन्हें पाठ्यक्रम शुल्क का 40 फीसदी देना उचित नहीं है।