
येड्डियूरप्पा का दौरा महज नाटक: पाटिल
बेंगलूरु. गृह मंत्री एमबी पाटिल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीएस येड्डियूरप्पा के सूखाग्रस्त क्षेत्रों के अध्ययन को महज एक नाटक करार दिया है। पाटिल ने रविवार को विजयपुर में कहा कि येड्डियूरप्पा का सूखा अध्ययन दौरा राजनीति से पे्ररित दिखावा है। अगले दो-तीन दिनों में मानसून की बारिश शुरू होने की संभावना है, सवाल यह है कि अब तक वे कहां थे। गठबंधन सरकार को गिराने के लिए लगातार ऑपरेशन कमल चलाने में जुटे रहे भाजपा नेताओं को अब राज्य के हितों व सूखे के हालात की याद आई है।
पाटिल ने कहा कि गठबंधन सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं है। सरकार सूखे के हालात से अच्छी तरह से निपट रही। पशुपालन मंत्री वेंकटराव नाडग़ौड़ा ने भी येड्डियूरप्पा के सूखा अध्ययन दौरे की आलोचना की और कहा कि केन्द्र सरकार ने महानरेगा के तहत बकाया राशि का राज्य को भुुगतान नहीं किया है।
येड्डियूरप्पा को यदि वास्तव में लोगों के हितों की चिंता है तो उनको केन्द्र सरकार से सूखा राहत के लिए अतिरिक्त धन जारी करवाना चाहिए। ऐसा करने के बजाय वे सूखे पर राजनीति करने पर तुले हैं।
कलबुर्गी में किसानों ने किया प्रदर्शन
कलबुर्गी. जेएसडब्लू स्टील कंपनी को बल्लारी जिले में ३६६७ एकड़ भूमि देने के राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ रविवार को कर्नाटक प्रांत रैयत संघ ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों से सरकार से मांग की कि जिंदल स्टील को लेकर लिया गया निर्णय तुरंत रद्द किया जाए।
संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मारुति मनपाडे ने कहा कि सरकार ने कॉरपोरेट लॉबी के दबाव में नाम मात्र की कीमत पर जमीन बेचने का फैसला किया। जो जमीन जिंदल स्टील को कम दाम में बेची जा रही है, उसकी मौजूदा समय में बाजार कीमत प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपए से कम नहीं है। इससे सरकारी खजाने को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने दावा किया कि जिंदल कंपनी कई वित्तीय अनियमितताओं में भी शामिल है। इसका नाम उन व्यक्तियों और कंपनियों की सूची में है, जो अवैध खनन में शामिल रहे रहे हैं। सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान पहुंचाने के अलावा कंपनी ने जबरदस्ती किसानों की जमीन पर कब्जा कर लिया है। जिन किसानों की जमीन को आधिकारिक तौर पर लिया गया, उन्हें कंपनी में निम्न स्तर की नौकरियां प्रदान की गई हैं। मनपाडे ने कहा कि अगर राज्य सरकार किराए के आधार पर लीज पर जमीन देती है तो हमारे संघ को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कंपनी को जमीन बेचना कतई स्वीकार्य नहीं है।
सीएम को दिखाएंगे काला झंडा
राज्य सरकार के निर्णय के विरोध में संघ ने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को काला झंडा दिखाने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी जब कलबुर्गी जिले में ग्राम प्रवास करने आएंगे, उस दौरान संघ के कार्यकर्ता काला झंडा दिखाकर उनका विरोध जताएंगे।
Published on:
12 Jun 2019 12:09 am
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