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पंचान्हिका महोत्सव: जयकारों से गुंजायमान हुआ वातावरण

सत्तरभेदी पूजा में उमड़े श्रद्धालु

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panchanhika utsava

बेंगलूरु. वासुपूज्य स्वामी जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ अक्कीपेट की ओर से संघ स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर आयोजित पंचान्हिका महोत्सव का सोमवार को पंचम गति (मोक्ष) दायक दिवस के साथ समापन हुआ।

अक्कीपेट स्थित वासुपूज्य स्वामी जैन मंदिर में आचार्य मुक्ति सागर सूरी, आचार्य चंद्रजीत सूरी, आचार्य जिनसुंदर सूरी, पंन्यास इंद्रजीत विजय, पंन्यास कल्परक्षित विजय, साध्वी जिनधर्माश्री एवं साध्वी दिव्ययशाश्री आदि ठाणा की निश्रा में सुबह मंत्रोच्चार के साथ उत्तमकरण, चंदनकरण मेहता परिवार द्वारा द्वार का उद्घाटन किया गया।

भक्तों के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। इसके बाद सुबह 9 बजे बाबूलाल भीकमचंद बंदामुथा, भागचंद सुरेखा देवी, सुरेश कुमार मीना देवी, हीराचंद संगीता देवी, राजेश कुमार परिवार द्वारा सत्तरभेदी पूजा की गई। शाम को मैनाबेन, सुमन, राजेश नंदा मेहता परिवार की ओर से आंगी, रोशनी व भक्ति भावना की गई। भक्ति कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया।
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आचार्य हस्तीमल का स्मृति दिवस मनाया
बेंगलूरु. जैन रत्न हितैषी श्रावक संघ की ओर से साध्वी कुमुदलता के सान्निध्य में आचार्य हस्तीमल का २७वां पुण्य स्मृति दिवस सोमवार को शूले अशोकनगर के महावीर भवन में तीन-तीन सामूहिक सामायिक व एकासन दिवस के रूप में मनाया गया। मनोहरलाल बम्ब ने मंगलगान, प्रभा गुलेच्छा ने गुरु हस्ती महिला गीत, सुरेंद्र कुमार मरेलेचा ने भक्ति गान तथा शांतिलाल डूंगरवाल ने प्रभावना व्यक्त की। गौतमचंद ओस्तवाल ने आचार्य हस्ती के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

साध्वी पदमकीर्ति,साध्वी कुमुदलता ने विचार रखे। साध्वी महाप्रज्ञा ने गीतिका से समां बांधी। करीब 27 श्रावक-श्राविकाओं ने एकासन व्रत किए। स्वागत यशवंतराज सांखला ने किया। आभार रत्न संघ अध्यक्ष पदमराज मेहता ने व्यक्त किया।

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भेवनहल्ली में ग्राम हब्बा महोत्सव
मण्ड्या. श्रीरंगपट्णा तहसील के भेवनहल्ली गांव में सोमवार को माराअम्मा देवी मंदिर के वार्षिक उत्सव के मौके पर ग्राम हब्बा महोत्सव मनाया गया। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना व आरती में की गई। मंदिर में विराजमान देवी प्रतिमा को गाजे-बाजे से बाहर लाकर शोभायात्रा निकाली गई।