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मुमुक्षु का मार्ग आत्म कल्याण का पथ

साध्वी उदितप्रभा, साध्वी निर्भयप्रभा एवं साध्वी चेलनाश्री ने भी मुमुक्षु प्रज्ञा को आशीर्वाद दिया। सभा के उपाध्यक्ष दीपचंद नाहर ने शुभकामनाएं दी।

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मुमुक्षु का मार्ग आत्म कल्याण का पथ

बेंगलूरु. तेरापंथ सभा के तत्वावधान में साध्वी कंचनप्रभा ठाणा 5 के सान्निध्य में मंगलवार को मुमुक्षु प्रज्ञा भंसाली का मंगल भावना समारोह आयोजित किया गया। साध्वी कंचनप्रभा ने कहा कि मुमुक्षु प्रज्ञा आत्म कल्याण के महान पथ की पथिक बन रही है, यह सौभाग्य की बात है।

साध्वी मंजूरेखा ने कहा कि अध्यात्म की राहें सुगम नहीं होती। साध्वी उदितप्रभा, साध्वी निर्भयप्रभा एवं साध्वी चेलनाश्री ने भी मुमुक्षु प्रज्ञा को आशीर्वाद दिया। सभा के उपाध्यक्ष दीपचंद नाहर ने शुभकामनाएं दी।

महिला मंडल की अध्यक्ष अनिता गांधी ने भी विचार व्यक्त किए। नीता गादिया, बिंदु रायसोनी ने गीत का संगान किया। सहमंत्री संजय बांठिया ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। सभी संघीय संस्थाओं द्वारा अभिनन्दन पत्र पारिवारिक जनों को भेंट किया गया। मुमुक्षु प्रज्ञा ने दीक्षा समारोह में आमंत्रित किया। संचालन मंत्री प्रकाश लोढ़ा ने किया।


आत्मा तक पहुंचने की सीढ़ी है संयम
बेंगलूरु. राजाजीनगर स्थानक में साध्वी संयमलता ने आयंबिल ओली के आठवे दिन णमो चारित्तस का वर्णन करते हुए कहा कि चारित्ररुपी धर्म विश्व में जयवंत है। आत्मा तक पहुंचने की सीढ़ी संयम है। उन्होंने कहा कि संन्यास अंधकार से प्रकाश में आने का सुंदरतम मार्ग है। संयम आंखों से मोह और वासना के पर्दे को हटा देता है।

परमात्म स्वरूप को पाने के लिए साधना के मार्ग पर प्रस्थान ही संयम है। साध्वी सौरभप्रज्ञा ने कहा कि जीवदया जैन धर्म का मूल है। हमारे चारों तरफ बड़ी संख्या में जीवों का जाल फैला हुआ है। जैन धर्म का मूल है।

श्रावक श्राविकाओं ने आयंबिल ओली की आराधना की। साध्वी कमलप्रज्ञा ने आयंबिल ओली की विधि संपन्न करवाई। संघ मंत्री ज्ञानचंद लोढ़ा ने बताया कि बुधवार को पुष्कर मुनि की 109वीं जयंती आयंबिल दिवस के रूप में मनाई जाएगी।

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सामूहिक पारायण कल से
बेंगलूरु. श्वेताम्बर स्थानकवासी बावीस संप्रदाय जैन संघ ट्रस्ट के तत्वावधान में गणेशबाग में विनय मुनि खींचन ने कहा कि आलोचना से आत्मा के कर्मों का भार हल्का होता है। माया दोष टूटता है। संघ मंत्री सी. संपतराज मांडोत ने बताया कि वीर प्रभु के निर्वाण पर गणेशबाग में 108 बार वीर स्तुति का सामूहिक पारायण 25 अक्टूबर से 8 नवम्बर तक प्रतिदिन सुबह 8.30 से 9.30 बजे तक होगा। साथ में उत्तराध्ययन सूत्रपर धर्मकथा भी होगी।