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Bengaluru Bandh बेंगलूरु बंद के कारण व्यवस्थाएं चरमराई, जानें बंद का कारण

Bengaluru Bandh कन्नड समर्थक संगठनों ने विरोध स्वरूप किया बेंगलूरु बंद Pro-Kannada organizations Bengaluru Bandh in protest

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(Bengaluru Bandh) बेंगलूरू: कावेरी जल बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद अब बढ़ता ही जा रहा है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इस पर कन्नड समर्थक संगठनों ने राज्य के अलग अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसी के चलते आज 26 सितंबर को कन्नड समर्थक संगठनों और किसानों ने बेंगलूरु बंद (Bengaluru Bandh) रखा। बेंगलूरु बंद (Bengaluru Bandh) के कारण कई व्यवस्थाएं चरमरा गई। दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे। बेंगलूरु बंद (Bengaluru Bandh) का समर्थन कर रहे ऑटो चालकों के भी ऑटों नहीं चलाने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि व्यवस्थाओं को देखते हुए बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने परिवहन सेवाएं चालू रखी।
बेंगलूरु बंद (Bengaluru Bandh) और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस ने सोमवार मध्यरात्री से मंगलवार मध्यरात्री तक शहर में धारा 144 लागू कर दी। साथ ही पुलिस ने बेंगलूरु बंद (Bengaluru Bandh) के दौरान शहर में जुलूस की भी कोई अनुमति नहीं दी। इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन करने वालों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, शहर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में पुलिस ने लगभग 1000 लोगों को हिरासत में लिया है। किसानों के एक समूह ने सड़क पर लेट कर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं कन्नड समर्थक संगठन के कार्यकर्ताओं ने तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन के फोटो पर हार चढ़ाकर विरोध स्वरूप पूजा की। टाउन हॉल में विरोध के लिए इकट्ठे हुए कुछ कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।

वहीं बेंगलूरु बंद (Bengaluru Bandh) के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि विपक्ष को कावेरी जल विवाद के जरिए राजनीतिक लाभ लेने से बचना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी विरोध प्रदर्शन के खिलाफ नहीं है, हालांकि उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला है। सिद्धरामय्या ने 25 सितंबर को जेडीएस सुप्रीमो और पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा के पीएम नरेंद्र मोदी को लिखे खुले पत्र का भी स्वागत किया। जिसमें उन्होंने कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी विवाद में हस्तक्षेप की मांग की है।

आपकों बता दें कि कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और विनियमन समिति ने कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु को 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। इस पर पानी की कमी का हवाला देते हुए कर्नाटक सरकार ने केन्द्र और सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। इसी के चलते कन्नड समर्थक संगठनों ने विरोध स्वरूप बेंगलूरु बंद रखा। Pro-Kannada organizations closed Bengaluru in protest