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रेलवे का लोको पायलट व सह पायलट के आराम पर जोर

फुट मसाजर व क्रॉक्ररी पर ध्यान

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रेलवे का लोको पायलट व सह पायलट के आराम पर जोर

,,रेलवे का लोको पायलट व सह पायलट के आराम पर जोर

बेंगलूरु. ट्रेन परिचालन को और सुगम बनाने के लिए रेलवे अपने चालरोंं, सह चालकों की सुविधा पर पूरा ध्यान दे रहा है। लगातार आठ या उससे भी अधिक घंटे तक इंजन में ड्यूटी देने वाले चालक व सह चालक को ड्यूटी के बाद रनिंग रूम में विशेष सुविधा दी जाती हैं ताकि वे अगली ड्यूटी के लिए पूरी तरह से तरोताजा होकर निकलें। इसके लिए रेलवे ने विशेष कोष की भी व्यवस्था की है।

दक्षिण पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अनीष हेगड़े ने बताया कि रनिंग रूम में चालकों के लिए अन्य सुविधाओं के साथ फुट मसाजर की व्यवस्था की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चालक अगली ड्यूटी से पहले अच्छी तरह से आराम कर चुका है।दपरे ने कहा कि वर्ष 2013 की कैमटेक रिपोर्ट के आधार पर मार्च 2014 से क्रॉकरी, फुट मसाजर, विंटर जैकेट आदि प्रदान किए जा रहे हैं। यह वर्ष 2017-18 में राष्ट्रीय रेल संरक्षा कोष शुरू होने से बहुत पहले से हैं। लोको पायलटों को सुरक्षा जनशक्ति के प्रशिक्षण के अलावा ट्रैक प्रबंधन प्रणाली अनुप्रयोग के लिए लैपटॉप और कंप्यूटर भी प्रदान किए गए।

सिविल इंजीनियरिंग वर्क्स, सिग्नलिंग, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल वर्क्स जैसी प्राथमिकता वाली सुरक्षा परियोजनाओं के अलावा, संचालन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मानवीय त्रुटियों की संभावना को कम करने के लिए व्यय का एक स्पष्ट प्रावधान था, काम करने की स्थिति में सुधार और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कर्मचारियों जैसे लोको पायलट आदि का प्रशिक्षण व मानव संसाधन विकास के लिए बजट का विशेष प्रावधान किया गया है।