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गागर में सागर को चरितार्थ करती कहानियां: झुनझुनवाला

पुस्तक विमोचन व काव्य गोष्ठी का आयोजन

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बेंगलूरु. अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में भगवती सक्सेना की छोटी कहानियों की पुस्तक परिसीमा के पार का लोकार्पण व परिचर्चा का आयोजन निक्की होम्स के सोसाइटी गेस्ट हाउस में किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार व कवि डॉ प्रेम तन्मय ने की। उन्होंने कहा कि इस कहानी संग्रह का शीर्षक ही इनकी रचनाओं के बारें में यह बताने में सफल भूमिका निभाता है कि इन कहानियों का विषय क्या होगा।विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार भार्गवी रविन्द्र ने कहा कि आधुनिक युग की व्यस्तताओं के बीच इन छोटी -छोटी संदेश प्रद कहानियों का महत्व और भी बढ जाता है।

संस्था की संस्थापक अध्यक्ष डॉ.इन्दु झुनझुनवाला ने कहा कि वास्तव में ये कहानियां गागर में सागर की उक्ति को चरितार्थ करती हैं।कहानीकार भगवती सक्सेना ने कहा कि साहित्य की छात्रा नहीं होने पर भी अपने आस-पास के वातावरण से प्रभावित होकर मेरी लेखनी चल पड़ी और कहानियां सृजित होती चली गईं।

पल्लवी शर्मा ने सरस्वती वंदना की। संगीत विशारद संगीता जानी व कवयित्री ममता मावंडिया ने अभ्युदय का ध्येय गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर कवियों ने काव्यपाठ भी किया।डॉ भूमिका श्रीवास्तव के संचालन में गीता चौबे, ब्रजेन्द्र मिश्र, ममता मावंडिया, त्रिशला मिश्रा, पल्लवी शर्मा, लोकेश मिश्र, गिरधर शेनॉय मीना अय्यर, जयश्री साओ ने प्रस्तुति दी।

कुमकुम गुप्ता ने विचार व्यक्त किए। इसके बाद डॉ इन्दु झुनझुनवाला, डॉ प्रेम तन्मय, भगवती सक्सेना आदि ने भी कविता प्रस्तुत की।