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मौके पर ही करें लोगों की शिकायतों का समाधान

सरकारी योजना का पूरा-पूरा लाभ जनता तक पहुुंचाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या नया हथकंड़ा

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Mukesh Kumar Sharma

Jul 21, 2016

bangalore

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बेंगलूरु।सरकारी योजना का पूरा-पूरा लाभ जनता तक पहुुंचाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या नया हथकंड़ा अपनाने जा रहे हैं। उनका मानना है कि इसके लिए यदि प्रशाासन का निचले स्तर तक विकेन्द्रीकरण कर दिया जाए तो आसानी से सरकारी योजनाएं गांव-गांव पहुंच सकेंगी। बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ करीब एक घंटे तक अनौपचारिक बातचीत की। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे सचिवालय तथा जिला प्रशासन के केन्द्रीयकृत अधिकारों का तहसील स्तर तक विकेन्द्रीकरण करें और सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचाएं।


उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव सरकार के कार्यक्रमों को निचले स्तर पर पहुंचाने में विफल रहे हैं। यदि इन अधिकारियों पर लगाम नहीं कसी गई तो ये सरकारी योजना का क्रियान्वयन ही नहीं करेंगे। जो अधिकारी काम नहीं करे उसकी शिकायत आप मुझसे करें, मैं उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करूंगा। हमारे पास समय कम और काम ज्यादा है। इसलिए अधिक से अधिक योजनाओं को जनता तक पहुंचाना है। राजस्व, कृषि, ग्रामीण विकास व पंचायत राज, शिक्षा विभाग में वरीयता से यह काम करना होगा। सीएम ने कहा कि सतर्कता बरतते हुए काम करें। जिलाधिकारियों के अधिकारों का विकेन्द्रीकरण करने से आमजन के काम व उनकी अर्जियों का जल्द निपटारा होगा। ऐसा करने से लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

साथ ही कर्नाटक विकास कार्यक्रम (केडीपी) की बैठकों को जिला स्तर तक सीमित रखने के बजाय तालुक स्तर पर किया जाए। मौके पर ही जनता से अर्जियां लें और उनकी शिकायतें दूर करें। सचिवालय स्तर पर पुरानी फाइलों का जल्द निपटारा करें। सरकार योजनाओं का जल्द निपटारा करें व वित्त विभाग से अनुदान जारी कराएं।


सीएम ने कहा कि बजरी का वितरण करने के लिए लाइसेंस देने के संबंध में कार्यक्रम तैयार करें। मांग के अनुपात में बजरी की आपूर्ति संभव नहीं है, इसलिए एम. सैंड का उत्पादन बढ़ाना जरूरी हो गया है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण व शहरी इलाकों में अवैध रूप से निर्मित मकानों का नियमन करने के संबंध में मिली अर्जियों का हर सप्ताह निपटाने के भी मंत्रियों को निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रभारी मंत्रियों को निर्देशित किया कि वे समय-समय पर जिलों में जाकर विकास कार्यक्रमों की प्रगति समीक्षा करें।