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सत्तारूढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना फिलहाल नहीं!

पार्टी हाईकमान का डीके शिवकुमार को स्पष्ट संदेश जल्द ही बजट की तैयारियों में जुटेंगे मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या

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सत्तारूढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना फिलहाल लगभग खत्म हो चुकी है। खासकर, उप मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार को असम विधानसभा चुनावों के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाने के बाद यह लगभग तय हो गया है कि मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होने तक नहीं बदले जाएंगे। जल्द ही सिद्धरामय्या अपना 17 वां बजट पेश करने की तैयारियां शुरू करेंगे।

पिछले दो महीनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर चली लंबी खींचतान के बाद कांग्रेस हाईकमान ने एक तरह से डीके शिवकुमार को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अभी उनको इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल, असम चुनावों का ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाने से शिवकुमार की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है। शिवकुमार समर्थक एक नेता ने कहा कि किसी मुख्यमंत्री या संभावित मुख्यमंत्री को चुनावों के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त नहीं किया जाता है। अगर डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाना होता, तो उन्हें ऑब्र्जवर नहीं बनाया जाता। पार्टी ने पहले वायनाड की सांसद व पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में असम चुनावों के लिए स्क्रीनिंग कमिटी गठित का गठन किया और उसके बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, डीके शिवकुमार और झारखंड के पूर्व विधायक बंधु तिर्की को ऑब्र्जवर नियुक्त किया।

पार्टी का निर्देश मानने के अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं: शिवकुमार

शिवकुमार को ऑब्जर्वर बनाए जाने से न सिर्फ उनके समर्थकों में बल्कि दक्षिण की सियासत में भी हलचल मच गई। शिवकुमार के लिए यह फैसला दोहरे झटके के तौर पर देखा जा रहा है। पहले तो मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना लगभग खत्म हो गई, दूसरी तरफ केरल विधानसभा चुनावों में उनकी भूमिका सीमित कर दी गई। शिवकुमार को केरल की जिम्मेदारी नहीं दिए जाने के पीछे भी गहरी चाल बताई जा रही है। शिवकुमार ने पार्टी आलाकमान के फैसले को काफी अनिच्छा से स्वीकार किया। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनके पास कोई ऑप्शन नहीं है। एक कांग्रेसी होने के नाते उन्हें पार्टी के आदेशों का पालन करना पड़ेगा। पार्टी जो भी करने को कहेगी, हमें वह करना होगा। कांग्रेसी होने का यही मतलब है। पार्टी हाईकमान ने असम की देखभाल करने के लिए कहा है। वह पहले भी असम गए थे, बहुत पहले और अब वे फिर से वहां भेजना चाहते हैं, तो जाएंगे।

अब क्या है शिवकुमार के लिए संभावनाएं

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शिवकुमार को असम भेजकर पार्टी हाईकमान ने यह साफ कर दिया है कि पांच राज्यों का चुनाव होने तक नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर कोई विचार नहीं होगा। इससे सिद्धरामय्या का मुख्यमंत्री पद सुरक्षित हो गया है। इस बीच सिद्धरामय्या कैबिनेट फेरबदल पर जोर दे रहे हैं। इसके लिए वह पार्टी हाईकमान पर दबाव बढ़ाएंगे। अगर बजट सत्र के बाद कैबिनेट में फेरबदल को भी पार्टी हाईकमान से हरी झंडी मिल गई तो यह लगभग तय हो जाएगा कि कम-से-कम इस साल नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। अगर पार्टी हाईकमान पांच राज्यों के चुनावों के बाद कैबिनेट में फेरबदल की बात कहकर फैसला टाल देता है, तो शिवकुमार के लिए संभावनाएं बनी रहेंगी। इस बीच 20 मई को मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा करेंगे और संभवत: उसके बाद यह सवाल पार्टी हाईकमान के पास पहुंचेगा।