
प्रायोगिक परीक्षाएं 27 जनवरी से 14 फरवरी तक जिला स्तर पर आयोजित होंगी
द्वितीय पीयूसी Pre University College (12वीं) प्रायोगिक परीक्षाओं में कदाचार रोकने और मूल्यांकन की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कर्नाटक स्कूल परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड (केएसइएबी) ने 2025-26 से वेब स्ट्रीमिंग Web Streaming के तहत परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
केएसइएबी के निदेशक गोपालकृष्ण एच.एन. ने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और प्रायोगिक अंकों को सीधे केंद्रों से ऑनलाइन बोर्ड के सर्वर पर अपलोड किया जाएगा। जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा होती है, उनमें थ्योरी परीक्षा 70 अंकों की और प्रायोगिक परीक्षा 30 अंकों की होगी। थ्योरी में पास होने के लिए कम से कम 21 अंक अनिवार्य हैं, जबकि कुल मिलाकर विषय में 33 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है।परीक्षाएं 27 से
प्रायोगिक परीक्षाएं 27 जनवरी से 14 फरवरी तक जिला स्तर पर आयोजित होंगी। किसी भी अनियमितता की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व एमएलसी और कर्नाटक विधान परिषद के पूर्व उपसभापति मारितिब्बेगौड़ा ने प्री-यूनिवर्सिटी शिक्षा विभाग और कर्नाटक स्कूल परीक्षा एवं मूल्यांकन बोर्ड से राज्य के सभी राजस्व संभागों में विज्ञान और शिक्षा विषयों के उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विज्ञान विषयों की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन केवल बेंगलूरु में किया जा रहा है, जबकि वाणिज्य और कला विषयों का मूल्यांकन जिला या संभाग स्तर पर होता है। इससे खासकर महिला व्याख्याताओं को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बेंगलूरु में 10 दिनों तक ठहरने के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल होता है।
Published on:
01 Jan 2026 06:03 pm
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