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शीतलहर का कहर : बांसवाड़ा के बाल संप्रेषण गृह में ठण्ड से अनाथ मासूम की मौत, मचा हडक़ंप

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शीतलहर का कहर : बांसवाड़ा के बाल संप्रेषण गृह में ठण्ड से अनाथ मासूम की मौत, मचा हडक़ंप

बांसवाड़ा. बाल अधिकारिता विभाग की ओर से शहर के डायलाब मार्ग पर संचालित शिशु पालनागृह की एक मासूम बालिका की ठण्ड की वजह से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार महात्मा गांधी चिकित्सालय के पालनागृ़ह से 28 सितंबर को एक बच्ची विभाग को सुपुर्द की गई थी, जिसका नाम वंशिका रखा गया। बुधवार सुबह करीब पांच बजे बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस पर चिकित्सकों को सूचना दी गई और नर्स को बुलवाया गया। हालात देख मासूम को नर्स एवं केयर टेकर एम जी चिकित्सालय लेकर पहुंचे। उसे उपचार दिया गया, लेकिन चिकित्सक उसे बचा पाने में सफल नहीं हो पाए। मासूम ने कुछ देर में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। इस पर चिकित्सकों ने मासूम के शव को मोर्चरी में रखवाया। बाद में पीएम कर शव विभाग को सौंपा गया। डॉ रवि उपाध्याय ने बताया कि बच्ची की मौत ठण्ड की वजह से हुई।

क्षमता 10 अभी 12 बच्चे
शिशु पालनागृह की कुल क्षमता 10 है और बच्चों की देखभाल के लिए 8-8 घण्टे की प्रत्येक पारी में तीन-तीन केयर-टेकर की सेवाएं ली जा रही हैं। एक साथ छोटे बच्चे यहां आने से समस्या बढ़ जाती है और सभी को एक-साथ संभालना मुश्किल होता है। इसके बावजूद ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि यदि बच्चों की संख्या बढ़े तो स्थानीय स्तर पर यहां केयर टेकर बढ़ाए जा सकें। विभागीय सूत्रों के अनुसार बच्चों की संख्या अचानक बढ़ती है, लेकिन केयर टेकर बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों से अनुमति की लम्बी-चौड़ी कार्रवाई करनी पड़ती है, जिसमें समय लगता है। इस कारण जो उपलब्ध हैं वही जैसे-तैसे काम करते हैं।

तबीयत खराब थी
मासूम ताण की बीमारी से ग्रसित थी। उसे पूर्व में भी दौरा पड़ा था। हमारे यहां गर्म कपड़े के साथ ही रूम हीटर भी है। बच्ची कमजोर थी। उपचार के बाद भी नहीं बचाया जा सका। बच्चों की नियमित जांच के लिए चिकित्सक भी नियुक्त हैं। हमने अपने स्तर पर व्यवस्था कर 2 की जगह प्रत्येक शिफ्ट में 3 केयर टेकर लगा रखी हैं।
दिलीप रोकडिया, अधीक्षक शिशुगृह बाल अधिकारिता विभाग