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बांसवाड़ा : पहले एक लाख रुपए की रिश्वत लेते धरा गया था पंचायत प्रसार अधिकारी, 4 साल बाद फिर 40 हजार की रिश्वत के आरोप में एसीबी ने की कार्रवाई

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बांसवाड़ा : पहले एक लाख रुपए की रिश्वत लेते धरा गया था पंचायत प्रसार अधिकारी, 4 साल बाद फिर 40 हजार की रिश्वत के आरोप में एसीबी ने की कार्रवाई

बांसवाड़ा. अरथूना में कार्रवाई के दौरान जिस पंचायत प्रसार अधिकारी मुकेश मोड़ पटेल के लिए राशि लेने का आरोप है वह पूर्व में भी गढ़ी पंचायत में विभिन्न प्रकार के कार्य करवाने से लेकर उनके बिल पास करने की एवज में रुपए लेने के मामले में एसीबी के हाथों धरा जा चुका है। पटेल को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पहले भी वर्ष 2015 में फरवरी में गिरफ्तार कर चुकी है। ब्यूरो ने उस समय भी गढ़ी पंचायत समित के विकास अधिकारी पद पर रहते हुए मोड को उसके दो साथी वरिष्ठ लिपिक एवं कनिष्ठ लिपिक के साथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। तत्कालीन समय में ग्राम पंचायत डडूका के ग्राम सेवक राजेश कुमार डोडियार से ग्रेवल सडक़ निर्माण कार्य के बिलों के चैक पर हस्ताक्षर करने की एवज में एक लाख 25 हजार रुपए की मांग की थी। इसमें से 25 हजार रुपए पूर्व में आरोपी ले चुका था। इसके बाद एसीबी में की गई शिकायत पर सत्यापन के बाद आरोपित को एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पंचायत समिति कार्यालय में ट्रेप किया।

40 हजार की रिश्वत लेते वरिष्ठ लिपिक को बांसवाड़ा एसीबी ने रंगे हाथों दबोचा, एक साथी मौके से फरार

सबसे बड़ी थी कार्रवाई
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बांसवाड़ा के दल की जिले में उस समय यह सबसे बड़ी कार्रवाई थी। दल की वर्ष 1984 में स्थापना से लेकर यह पहली बड़ी कार्रवाई थी जिसमें दल के सदस्यों ने किसी को एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इससे पहले वर्ष 2012 में दल ने कार्रवाई करते हुए वन विभाग के वन रक्षक को खान्दू कॉलोनी से गिरफ्तार किया था। दल ने उसको 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।


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