
भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि भगवान भी प्रकट हो जाते हैं
बांसवाड़ा. आराध्य गुरुदेव संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनि विमलसागर महाराज, मुनि अंनतसागर महाराज, मुनि धर्मसागर महाराज व मुनि भावसागर महाराज ने राखो से विहार कर शुक्रवार प्रातः बागीदौरा में मंगल प्रवेश किया। मुनियों की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। श्रद्धालुगण मुनियों के चरणों की धूल माथे पर लगाने को बेताब दिखे। बागीदौरा में पांच वर्षों के बाद मुनि संघ का धर्मनगरी में प्रवेश होने श्रद्धालुओं में अपार उत्साह है। सकल दिगम्बर जैन समाज व श्री कुन्थु नवयुवक मण्डल ने वडलीपाडा मोड़ पर मुनि संघ का गाजे बाजे के साथ स्वागत किया। तत्पश्चात बालिका मण्डल व महिला मंडल ने वाद्य यंत्रों की धुनों पर दिव्य घोष करते हुए मुनि संघ की आगवानी की। कुन्थु नवयुवक मंडल के दो अश्वारोही ध्वजा लेकर संघ की आगवानी करते हुए जुलूस के रूप के आगे बढ़ाया। जुलूस के दौरान श्रावको ने मुनि संघ का जगह जगह पाद पक्षालन किया। नगर प्रवेश के दौरान 51 स्वागत द्वार लगाए गए थे। जुलूस नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ आचार्य विद्यासागर संयम भवन पहुच कर धर्मसभा मे तब्दील हो गया। धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि विमलसागर महाराज ने कहा कि जैन मंदिर बागीदौरा में विराजित भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा अतिशयकारी है। उन्होंने कहा कि भक्तों की भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि भगवान भी स्वयं प्रकट हो जाते हैं।
व्रती नगर के नाम से प्रसिद्ध हो बागीदौरा
महाराज ने कहा कि आचार्यश्री की इच्छा है वागड़ का बागीदौरा क्षेत्र व्रती नगर के नाम से प्रसिद्ध हो। उंन्होंने कहा कि अवसर दबे पांव आता है और पंख लगाकर उड़ जाता है। इसलिए जिसने जीवन में धर्म का संचय किया होता है वो हीरो की तरह चमकता है ओर जो पाप करता है वो खलनायक की तरह नरक में सजा भुगतता है। उन्होंने वागड़ क्षेत्र में चातुर्मास पर कहा कि अभी परिन्दों ने उड़ान भरी है। आसमान पूरा बाकी है। हम एक एक नगर देखते जा रहे हैं अभी हमारा मंगलाचरण है पुराण तो पूरा बाकी है। संयम भवन में मुनि विमलसागर महाराज को शास्त्र भेंट व पाद पक्षालन दोसी विजेंद्र हीरालाल के परिवार ने किया । वहीं मुनि अंनतसागर महाराज का मेहता अशोक मीठालाल, मुनि धर्मसागर महाराज का पी डी परिवार व मुनि भावसागर महाराज का दोसी नगीन मणिलाल के परिवार ने पाद पक्षालन किया। इसके बाद समाज ने मुनि संघ को चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। मंगलाचरण धर्मेंद्र सोवटिया ने किया। संचालन विनोद दोसी ने किया।
Published on:
16 Jun 2023 08:59 pm
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