
राजस्थान में मध्यप्रदेश की पुरानी मामा गैंग फिर सक्रिय, सर्राफा कारोबारी को लूटा, पुलिस की पड़ताल तेज
कुशलगढ़/बांसवाड़ा. सर्राफा कारोबारी के आंखों में मिर्च पाउडर डालकर लाखों के जेवर और नकदी लूट में झाबुआ की पुराने-सजायाब डकैत गैंग मामा भील का हाथ है। इसके सदस्य विभिन्न जेलों से रहे और जमानत पर रिहाई के बाद नए स्वरूप में एकजुट होकर सीमावर्ती इलाके में सक्रिय हुए हैं। यह खुलासा वारदात के बाद जागरूक लोगों की मदद से पुलिस के हत्थे चढ़े दो लुटेरों की पूछताछ से हुआ है। इस गंभीर मामले को लेकर रविवार को खुद पुलिस अधीक्षक केसरसिंह शेखावत कुशलगढ़ दौरे पर रहे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि पकड़े गए डकैत इंदौर, झाबुआ और सूरत जेल में रह चुके हैं। इन्होंने गुजरात में डकैती की थी। ये गैंग झाबुआ में भी वारदात कर चुकी है। पूर्व की वारदातों में में से एक केस में मामा भील गैंग के कुछ सदस्यों को दस साल की सजा हुई है, जिसमें ये जमानत पर है। अब बांसवाड़ा पुलिस इनके आपराधिक रेकॉर्ड, सजाएं और स्टेटस की जानकारी जुटाने में लगी है।
शनिवार की वारदात पर एसपी शेखावत ने बताया कि शनिवार को सुनारी का काम करने वाला कारोबारी अर्जुन बोराणा अपनी दुकान बंद करके घर आ रहा था। जैसे ही वह घर में प्रवेश करने लगा, एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश लुटेरे आए, सपोर्ट में बाइक सवार तीन अन्य लोग भी थे। आते ही लुटेरों ने आंखों में मिर्च डालकर बोराणा से बैग छिनने की कोशिश की। मौके पर कारोबारी के चीखने पर लोग जुटे, तो लुटेरे भागने लगे। मौके पर दो जनों को लोगों ने पकड़ा। इत्तला पर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची। आरोपियों को दस्तयाब कर पूछताछ से सभी छह लुटेरे संगठित अपराध गिरोह के सदस्य होने सामने आए। मामा भील गैंग ने अब स्वरूप बदल दिया है, लेकिन गतिविधियां वैसी ही हैं। ये छह माह से जेल से बाहर हैं। इनसे मोबाइल मिला है, जिसकी फोरेंसिक जांच करवा रहे हैं। पता कर रहे हैं कि इनकी मौजूदगी अपने क्षेत्र में कब-कब रही है, वे कब जिले में घुसे, वारदातें कीं। इसके लिए विशेष टीम बनाकर जुटाई गई है।
चोरियों में भी एमपी की ऐसी ही गैंग, अब इंट्री प्वाइंट पर भी निगाह : - क्षेत्र में बढ़ती चोरियों पर एसपी ने कहा कि एमपी, गुजरात का सीमावर्ती इलाका होने से कुशलगढ़ में उधर से आवाजाही रही है। सीधे इंट्री होने से एमपी के पुराने बदमाश वारदातें कर गुजर रहे हैं। इसके मद्देनजर इंट्री प्वाइंट पर पुलिस निगरानी रखने की व्यवस्था कर रही है। पूर्व में जो वारदातें इस इलाके में हुई हैं, उनमें इसी तरह की गैंग के लिप्त होने की संभावना है। पकड़े गए लुटेरों और इससे कनेक्टेड गैंग की तलाश कर अनसुलझी वारदातों का खुलासा किया जाएगा।
Published on:
02 Mar 2020 04:05 pm

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