
गुढ़लिया-अरनिया ग्राम पंचायत गादरवाड़ा गूजरान के गुवाड़ा स्कूल का नया भवन एवं बच्चों को पढ़ाते शिक्षक। Photo- Patrika
बांसवाड़ा। राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में अब स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
शिक्षा विभाग की नई पहल के तहत प्रदेश के समस्त राजकीय विद्यालयों में 4 से 12 तककी प्रत्येक कक्षा और सेक्शन में एक-एक हाइजीन मॉनिटर (स्वच्छता कैप्टन) नियुक्त किया जाएगा।
इस संबंध में राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यालय परिसरों को स्वच्छ रखने के साथ-साथ विद्यार्थियों में व्यक्तिगत स्वच्छता, सामूहिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
चयनित हाइजीन मॉनिटर अपनी कक्षा में सफाई व्यवस्था पर नजर रखेंगे और सहपाठियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर ‘स्वच्छता स्टार’ या ‘बेस्ट हाइजीन मॉनिटर’ का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
हाइजीन मॉनिटर की प्रमुख जिम्मेदारियों में मिड-डे मील से पूर्व सभी विद्यार्थियों का हाथ धोना सुनिश्चित करना शामिल होगा। इसके साथ ही वे व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ-सुथरे कपड़े और आसपास की सफाई को लेकर भी सतर्क रहेंगे।
प्रत्येक माह के अंतिम कार्यदिवस पर हाइजीन मॉनिटर अपनी कक्षा के विद्यार्थियों के साथ 10 मिनट का चर्चा सत्र आयोजित करेंगे। इसमें विद्यालय को स्वच्छ, हरा-भरा और स्वस्थ रखने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सरकारी विद्यालयों के कक्षा अध्यापक हर कक्षा में एक हाइजीन मॉनिटर्स को मनोनीत करेंगे। चयनित विद्यार्थियों को विद्यालय के प्रार्थना स्थल पर विशेष स्वच्छता शपथ दिलाई जाएगी, ताकि वे अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाए।
अन्य विद्यार्थियों को भी जिम्मेदारी और नेतृत्व का अवसर देने के उद्देश्य से हर छह माह में हाइजीन मॉनिटर का पुन: चयन किया जाएगा। इससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस अभियान से जुड़ सकेंगे।
Updated on:
29 Jan 2026 05:16 pm
Published on:
29 Jan 2026 05:16 pm
