
इतने तो बांसवाड़ा में बांस भी नहीं है जितने इस सडक़ पर गड्ढे हैं... आखिर कैसे कहे इसे राष्ट्रीय राजमार्ग
बांसवाड़ा. जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करना दुश्वार होता जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए की हालत सबसे खस्ता है। बांसवाड़ा से अगरपुरा तक के मार्ग में अनगिनत गड्ढे हो गए हैं। इसके कारण महज 40 किलोमीटर की दूरी तय करने में दो घंटे से अधिक समय लग रह है। गड्ढों के चलते हालात यह हैं कि वाहन चलाते समय जरा सी चूक होने पर हादसे का भय बना रहता है। जिला मुख्यालय से लेकर पूरे मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। इस मार्ग पर प्रमुख रूप से लोधा के अलावा मयूर नगर के बाहर, कूपड़ा, सुंदनपुर, तलवाड़ा, कोहाला, वजवाना, भीमसौर, खेड़ा, परतापुर, गढ़ी, मोर और अगरपुरा गांव आते हैं और इन गांवों के बस स्टैंड और इसके आसपास ही बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिन्हें पार कर आगे जाना लोगों की मजबूरी बना हुआ है।
यह है हाल
लोधा के आगे स्थित मिल के ठीक सामने इतने गड्ढे हैं कि चार पहिया और इससे बड़े वाहन किसी भी सूरत में हिचकोले खाए बिना आगे नहीं निकल सकते। यही हाल तलवाड़ा के पहले और इसके बाद परतापुर में है। तलवाड़ा मोड़ से बस स्टैंड तक का मार्ग तो कुछ समय पहले ही निर्मित हुआ है, लेकिन बारिश ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। परतापुर-गढ़ी के बीच पुलिस थाने के आगे इन गड्ढों में पानी भरा हुआ है और वाहन चालकों को इसी में से होकर गुजरना पड़ रहा है। कमोबेश यही स्थिति मोर और अगरपुरा गांवों के बीच की है।
वजवाना तक का काम भी शुरू नहीं
इस मार्ग पर बांसवाड़ा जिला मुख्यालय से वजवाना गांव तक सडक़ निर्माण को लेकर निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कार्यादेश भी कुछ माह पहले मेहता कंस्ट्रक्शन कंपनी को जारी किए जा चुके हैं, लेकिन 25 किमी सडक़ के निर्माण को लेकर अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
कोई नहीं धणीधोरी
इस राष्ट्रीय राजमार्ग का कोई धणीधोरी जिले में नहीं है। जिला मुख्यालय पर सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय परिसर में बने एक कक्ष में राष्ट्रीय राजमार्ग 113 के सहायक अभियंता के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए की देखरेख और निगरानी को लेकर जिले में कोई कार्मिक नहीं है। इस राजमार्ग के लिए अधिकारी उदयपुर बैठते हैं, जो कभी-कभार ही बांसवाड़ा आने की जहमत उठाते हैं। सामान्य कामकाज का अतिरिक्त कार्यभार यहां सहायक अभियंता को दे रखा है।
चार जिलों को जोडऩे वाली सडक़
राष्ट्रीय राजमार्ग 927-ए प्रदेश में चार जिलों को जोड़ती है। सिरोही जिले के स्वरूपगंज से यह कोटड़ा, सोम, खेरवाड़ा, डूंगरपुर, सागवाड़ा, बांसवाड़ा होते हुए दानपुर में मध्यप्रदेश सीमा तक है। इसकी लंबाई करीब 311 किमी है। इसमें अधिकांश इलाका जनजाति क्षेत्र का है। इस सडक़ को टू-लेन पेव्ड बनाया जाना प्रस्तावित है। इसकी डीपीआर भी स्वीकृत हो चुकी है।
Published on:
23 Jul 2018 02:01 pm
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