
सरोदा में चल रही रामकथा के तहत राम भक्तों की उमड़ी भीड़
सरोदा पत्रिका. दिगंबर जैन समाज सरोदा के तत्वाधान में चल रहे दिव्य कनक वर्षा योग 2026 के अंतर्गत राम कथा के चौथे दिन श्रीराम जन्मोत्सव का सुंदर चित्रण किया गया। आचार्य चंद्रगुप्त महाराज ने दशरथ-कौशल्या संवाद के साथ ही रामजन्म के साथ साथ संस्कारी शीलवान देवी तुल्या महिलाओं के विभिन्न गुणों, कर्तव्यों की व्याख्या करते हुए तथा नारी शक्ति से आह्वान करते हुए बताया कि बेटी का जन्म दो फूलों का उदाहरण होता है जिस घर में बेटियां जन्म लेती है वह घर स्वयं संस्कारवान होने के साथ ही दूसरे कुल को भी सुसंस्कृत करने का सौभाग्य प्राप्त करता है राम के जन्म संबंधी कथा का श्रवण करने वाले श्रोता भगवान श्रीराम जन्मोंत्सव पर अपने-अपने घर से प्रतीकात्मक राम की मूर्ति, चित्र, व बच्चों को राम वेष में सजा कर लाये थे। रामलाल का जन्म एक युग के लिए नहीं अभी तो पृथ्वी तल पर मनुष्य जीवन जब तक है तब तक के लिए बताया। उन्होंने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटिया दो कुल की मर्यादा होती है, बालिका अपने कुल की मर्यादा व सम्मान होती है अतः जीवन में संयमित रहकर अपने परिवार के संस्कारों को अन्य परिवारों के साथ साझा कर दोनों ही कुल का उद्धार करें। राम कथा के चौथे दिन सरोदा, पादरडी बड़ी, सागवाड़ा, सांवलिया ओबरी चितरी, कुआं, पालोदा, गनोड़ा, बांसवाड़ा, उदयपुर आदि श्रद्धालुओं ने भाग लिया राम जन्मोत्सव पर लोगों ने एक दूसरे को बधाइयां दी साथी गांव में प्रत्येक घर पर मीठा भोजन बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर आचार्य ने कहा कि गर्भपात करवाना महापाप है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संकल्प दिलवाया की जीवन में कभी भी गर्भपात नहीं करेंगे कथा के दौरान धारा प्रवाह संगीत व भजनों के साथ श्रद्धालु झूमते रहे तथा बीच-बीच में जय श्री राम के नारे भी लगाते रहे गांव में सर्व समाज के लोगों द्वारा कथा श्रवण का लाभ लिया जा रहा है। सरोदा में चातुर्मास आचार्य चंद्रगुप्त गुरुदेव, मुनि सिद्धचन्द्र नंदी, क्षुल्लक चन्द्रशुद्ध नंदी, आर्यिका जिनराज माताजी एवं आर्यिका श्रुतराज माताजी के सान्निध्य में आयोजित दिव्य कनक वर्षायोग-2026 का आयोजन हो रहा हैं। मुख्य श्रोता के रूप में मीनाक्षी दीदी रही जिन्हें गुरुदेव की आगवानी करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
Updated on:
27 Jul 2026 06:00 am
Published on:
27 Jul 2026 06:00 am
