
वागड़ के किसानों पर कुदरत का कहर : बारिश नहीं होने से खेतों में सूखने लगी फसल, मक्का और सोयाबीन पर ज्यादा असर
बांसवाड़ा. जून में बारिश की बूंदों ने तो किसानों के अरमान जगा दिए लेकिन जुलाई के सूखे ने किसानों को बर्बादी की कगार पर लगाकर खड़ा कर दिया है। बारिश न होने से आलम यह है कि जिले की 25 फीसदी फसल का नुकसान किसान को हो चुका है और यदि अगले दो तीन दिनों में बारिश नहीं होती है तो यह नुकसान 80 से 90 फीसदी पहुंच जाएगा। जिले के कई स्थानों पर फसलों में पीलापन आना शुरू हो गया है।
किसान का नुकसान तो तय है
इतने लम्बे सूखे के बाद अब भले ही अच्छी बारिश हो जाए लेकिन किसान का नुकसान तो तय है। क्योंकि इस एक माह में कम बारिश से पौधों की समुचित बढ़वार नहीं हो पाई। और हर वर्ष जितनी फसल होती थी इस बार उससे कम होगी। किसानों के नुकसान को लेकर भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री वनेश्वर त्रिवेदी ने बताया कि अभी तक जो बारिश नहीं हुई है उससे किसानों को 25 फीसदी नुकसान हो चुका है।
गंभीर स्थिति में फसल, अब पानी बेहद जरूरी
अब खरीफ की फसलें गंभीर स्थिति में पहुंच गई हैं। कृषि (वि.) उपनिदेशक भूरालाल पाटीदार ने बताया कि यदि दो से तीन दिन में बारिश नहीं होती है तो जिले में 80 से 90 फीसदी फसल खराबा हो जाएगा। क्योंकि अब पौध ऐसे दौर में पहुंच गई है जब पानी की बेहद आवश्यकता होती है।
ऐसे बच जाएंगी 10 से 20 फीसदी फसलें
पाटीदार ने बतायाकि कुशलगढ़ और घाटोल क्षेत्र के कई इलाकों में बारिश हो जाने से फसलों को पानी मिल गया है। इस कारण इन क्षेत्रों में फसलों को अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा नुकसान नहीं होगा। साथ ही कई स्थानों पर धान की बुवाई अभी शेष है। इस कारण खरीफ में 10 से 20 फीसदी फसल खराबा न होने की उम्मीद है।
नहरों में छोड़े पानी
बागीदौरा. महावीर इन्टरनेशनल शाखा बागीदौरा के पदाधिकारियों ने कलक्टर के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर किसानों के लिए माही की नहरों को जल्द शुरू करने की मांग की है। अध्यक्ष महिपाल दोसी व विनोद दोसी ने बताया कि किसान खाद व बीज की व्यवस्था कर खेती करते है। करीब 15 -20 दिनों से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर हंै। उन्होंने जल्द ही माही की नहरों मे ंपानी छोडऩे की मांग की। प्रवक्ता दिलीप दोसी ने बताया कि ज्ञापन में बागीदौरा में हो रही बिजली कटौती को भी सुचारू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी व उमस की वजह से बागीदौरा व आसपास के गांवों में शिक्षण बैंको के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
Published on:
24 Jul 2019, 5:41 PM IST
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