
बांसवाड़ा : एक महीने पहले गोबर में पड़ी मिली थी नवजात, उदयपुर में उपचार के बाद लौटी, अब शिशु गृह में होगी परवरिश
बांसवाड़ा. जिले के जौलाना गांव में करीब एक माह पहले गोबर के ढेर में फेंकने कारण कीड़े काटने से बुरी तरह जख्मी हालत में मिली नवजात बच्ची उदयपुर में पूरी तरह स्वस्थ होने पर बुधवार को बांसवाड़ा लाई गई। यहां महात्मा गांधी चिकित्सालय के कर्मचारियों ने उसे बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया। उसे नाम देते हुए समिति ने राजकीय शिशु गृह में परवरिश के लिए रखवाया है। बाल कल्याण समिति की सदस्या श्यामाकुंवर परिहार ने बताया कि 11 नवंबर को अज्ञात परिजनों ने बच्ची को जौलाना गांव के आदिवासी मोहल्ले में स्थित आबादी क्षेत्र में गोबर फैंकने के स्थान (उकले) में छोड़ दिया था। मोहल्लेवासी उसे उठाकर जौलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को एमजी अस्पताल रैफर किया गया। अस्पताल में जांच से पता चला कि 24 घंटे के भीतर जन्मी बच्ची को गोबर में फेंकने से संक्रमण हो चुका है। उसका वजन भी कम था, वहीं गोबर के कीड़े शरीर पर चिपकने और काटने से जगह-जगह घाव हो गए थे। इस पर उसे उदयपुर रैफर किया गया। बाद में उदयपुर में उपचार से बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो गई। उसका वजन भी करीब दो किलो हो गया, तो सूचना एमजी अस्पताल प्रशासन को दी गई। इस पर वाहन भेजकर उसे बांसवाड़ा लाया गया। उसे अस्पताल स्टाफ द्वारा सुपुर्द करने पर समिति ने अपने संरक्षण में लेकर नामकरण किया।
Updated on:
19 Dec 2019 01:43 pm
Published on:
19 Dec 2019 01:21 pm

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