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बांसवाड़ा

व्यवस्था तार-तार : 20 पंचायतों के एक लाख लोगों को 34 घंटे से बिजली नसीब नहीं, घेरा जीएसएस

अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े ग्रामीण, कार्मिक और स्टाफ बदलने की बात पर सहमत

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बांसवाड़ा.छोटी सरवा. बेहतर बिजली व्यवस्था के दावों की हकीकत महज कुछ घंटे की बारिश के बाद ही जिले के कई गांवों में खुलकर सामने आई। फिर चाहें गढ़ी उपखंड का मामला हो या कुशलगढ़ ब्लॉक का। जिले के हर कोने में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। आलम ये है कि हजारों की संख्या में ग्रामीण कई घंटों से बिजली के लिए परेशान हो रहे हैं। बिजली सप्लाई न होने के कारण आमजन का जनजीवन प्रभावित हो गया है। डडूका क्षेत्र में कई घंटों तक बाधित रही बिजली सप्लाई के सुचारु होने के बाद अब नया मामला छोटी सरवा क्षेत्र में देखने को मिला। यहां भी 34 घंटे से भी अधिक समय तक बिजली सप्लाई बाधित होने के कारण ग्रामीणों ने जीएसएस का घेराव किया और काफी समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए।

यह बताया ग्रामीणों ने

ग्रामीणों ने बताया कि खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र के चार मुख्य गांव पाटन, बड़ी सरवा, मोहकमपुरा, छोटी सरवा सहित क्षेत्र की करीब 20 पंचायत के एक लाख से भी अधिक ग्रामीण बीते 34 घंटे से बिजली सप्लाई न होने से परेशान रहे। सब्र का बांध टूटने पर शुक्रवार सुबह तकरीबन 10 बजे ग्रामीण छोटी सरवा 132 केवी सब स्टेशन पर पहुंचे और विभाग अधिकारियों के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने नारेबाजी कर अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इस पर सहायक अभियंता अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कैलाशचंद्र जाजोरिया ने समझाइश की। साथ ही नया स्टाफ एवं स्थानीय ठेका कर्मी को हटाने सहित ग्रामीणों की कई बातों पर सहमति जताई। इसके बाद मामला शांत हुए।

गड़बड़ी के पीछे ग्रामीणों ने यह बताया कारण

ग्रामीणों ने क्षेत्र में लगातार 34 घंटे से भी अधिक समय से बिजली बंद पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निगम एक फॉल्ट तक नहीं ढूंढ पाया। लाइनमैन के नहीं रहने, स्थानीय ठेकाकर्मी कार्मिक की मनमानी, शटडाउन के समय की समय सारणी दर्ज नहीं होना, उपस्थिति रजिस्टर नहीं होना, लाइनमैन का रात में नहीं रुकना, सब स्टेशन पर किसी के नंबर अंकित नहीं होना जैसी कई खामियों की शिकायत की। विभाग को आगाह करते हुए ग्रामीणों ने एक दिन का समय देते हुए कहा कि एक दिन में ठेका कर्मी सहित नया स्टाफ लगाओ नहीं तो होगा आंदोलन।

बिफरे ग्रामीण, सुनाई खरी खरी

अघोषित बिजली कटौती से तंग ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया और खरीखरी सुनाई। चोखवाड़ा पूर्व सरपंच कमजी बारिया ने बताया कि साढ़े तीन दिन से अधिक हो गए हैं। 20 पंचायतों के एक लाख से अधिक ग्रामीण बिजली के लिए परेशान हैं। पर वितरण निगम कीे ओर से कोई समाधान नहीं किया गया। वहीं, राजेंद्र टेलर बताते हैं कि अधिकारियों को फोन लगाया लेकिन संतोषप्रद जवाब नहीं मिलता। लाइनमैन भी नहीं रहता है। 35 घंटे से अधिक समय क्षेत्र में लाइट नहीं है। अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कोई सुनने वाला नहीं है। इस वजह से जीएसएस पर पहुंचे थे, अधिकारियों को बुलाया और लोकल स्टाफ एवं लाइनमैन बदलने की बात कही है। इस पर अधिकारी द्वारा कार्मिक बदलने पर सहमति बनी है। रात 12 बजे लाइट काट दी जाती है। फोन लगाने पर रटा-रटाया जवाब मिलता है कि 33 केवी लाइन में फॉल्ट है। सुबह जल्दी ही लाइट सुचारु हो जाती है।

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