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संस्कृत कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, किया प्रदर्शन

Rajasthan

कॉलेज में जर्जर कक्षा कक्ष, शौचालय, पेयजल, शिक्षक पदों की कमी से बढ़ी परेशानी

पीठ @ पत्रिका. कस्बे के राजकीय आचार्य संस्कृत कॉलेज में विद्यार्थियों ने मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। महाविद्यालय में भौतिक सुविधाओं का अभाव होने से छात्र-छात्राएं गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के लिए आवंटित 25 बीघा भूमि पर चारदीवारी परकोटा कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि पुराने भवन के पांच कक्षा कक्ष जर्जर हो गए हैं, जिनके स्थान पर नए कक्षा कक्ष स्वीकृत कराए जाएं। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग सुविधा घर (शौचालय) की कमी से उन्हें खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। महाविद्यालय में 85 फीसदी छात्राएं नामांकित हैं। पेयजल सुविधा की भी समस्या है, एकमात्र हैंडपंप का पानी फ्लोराइड युक्त है। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र आवंटित करने की भी मांग की। उन्होंने बताया कि प्राचार्य, अंग्रेजी साहित्य, हिंदी साहित्य, राजनीतिक विज्ञान, सामान्य संस्कृत, भाषा विज्ञान, पुस्तकालय, कंप्यूटर, वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक समेत कई व्याख्याताओं के पद रिक्त हैं। वर्तमान में सरकारी भर्ती व विद्या संबल योजना से व्याख्याताओं के पदों को भरने की सुविधा कराने की मांग की गई। महाविद्यालय के लिए आवंटित भूमि में से करीब 20 बीघा भूमि पर कुछ प्रभावी व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण कर फसल की बुवाई की गई है, जिसे मुक्त कराने की मांग भी की गई। इस प्रदर्शन में शिल्पा सरपोटा, शीला डामोर, बसन्ती डामोर, हर्षिता कलासुआ, सुमित्रा सरपोटा, पुष्पा मसार, काजल डामोर, ऊषा डामोर, अंजना खांट, राजकुमारी, रेणुका अहारी, शीतल अहारी, अंजना मकवाना, मंजूला रडार, पायल पारगी, चंदा अहारी, पायल रोत, भावना डामोर, सीता बामणिया, जशोदा डामोर, ललित रोत आदि शामिल थे।