12 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Samachar : गजब ! अधिकारियों ने कर्मचारी की निजी कार का इस्तेमाल किए बिना ही सरकार को यूं लगाया लाखों का चूना

घाटोल में जिले के ही विभागीय कर्मचारी की गाड़ी किसी फर्म के नाम पर लगाई गई। फिर गाड़ी का इस्तेमाल ही नहीं हुआ और बिल उठा लिए गए।
2 min read
Google source verification

दीनदयाल शर्मा

Banswara News : बांसवाड़ा. जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन किराए पर ली गाडिय़ों के भुगतान में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। यहां घाटोल ब्लॉक में हुए लाखों के भुगतान के गड़बड़झाले से बाल विकास परियोजना अधिकारी जांच के दायरे में है। विभागीय सूत्रों के अनुसार विभाग की अपनी गाडिय़ां और चालक नहीं होने से अधिकारियों के राजकार्य में आवाजाही के लिए किराए पर गाडिय़ां लेने की व्यवस्था है। इसमें बाल विकास परियोजना अधिकारी घाटोल द्वारा अपने ही विभाग के ही कर्मचारी की गाड़ी दूसरे नाम से लगाकर खेला किया गया। इसकी शिकायत विभागीय मुख्यालय तक पहुंची और जांच का आदेश हुआ, तो बांसवाड़ा में खलबली मच गई। यहां सवाल पर कर्मचारी खामोश होकर पर्दा डालने में जुट गए हैं। हालांकि इसे गंभीरता से लेकर विभाग की नई उपनिदेशक ने रेकॉर्ड मंगवाया है।

इनका कहना है
मैंने पदोन्नति पर बांसवाड़ा में 20 मई को ही ज्वाइन किया। निदेशालय से मिले निर्देश पर जांच कमेटी का गठन कर घाटोल के बाल विकास परियोजना अधिकारी से बीते दो वित्तीय वर्ष में वाहन किराए पेटे उठाए बिलों, उनकी लॉग बुकों, कोटेशन के अलावा इन दो सालों में आयोजित विभागीय कार्यक्रमों के व्यय के बिलों की प्रतियां मांगी हैं। -मीनाक्षी वसीटा, उपनिदेशक आईसीडीएस, बांसवाड़ा

जानकारों ने बताया कि घाटोल और बांसवाड़ा में सीडीपीओ के पद रिक्त हैं। इसके चलते दोनों पदों का कार्यभार घाटोल के बाल परियोजना विकास अधिकारी हेमेंद्रसिंह बारहठ के पास है। ऐसे में वे अक्सर बांसवाड़ा रहे और घाटोल ब्लॉक में गाड़ी चली ही नहीं, लेकिन बिल बन गए। इन्हें बनाने वाले और पास करने वाले खुद ही थे। फिर भुगतान सीधे जयपुर से एसएमए खाते में जाता है, लिहाजा अंदरखाने गड़बड़ी की भनक उच्चाधिकारियों को नहीं लगी। विभाग में कोटेशन लेकर प्रत्येक वित्तीय वर्ष में चालक सहित गाड़ी किराए पर लेने की रवायत है।

यह भी पढ़ें :

Rajasthan News : गहलोत सरकार पर हज़ारों करोड़ का ‘महा घोटाला’ आरोप, सबसे ‘मलाईदार’ डिपार्टमेंट से ऐसे निकाली गई ‘मलाई’!

इसके लिए 24 हजार रुपए महावार बजट आता है। घाटोल में जिले के ही विभागीय कर्मचारी की गाड़ी किसी फर्म के नाम पर लगाई गई। फिर गाड़ी का इस्तेमाल ही नहीं हुआ और बिल उठा लिए गए। इसमें एक साथ मोटी रकम के भुगतान से मामला चर्चा में आया तो अशोक नाम के शख्स ने इसकी शिकायत उच्च स्तर तक कर दी। इसमें उसने विभागीय योजनाओं के बजट का इस्तेमाल किए बिना भुगतान उठाकर राजकीय धन और पद के दुरुपयोग होने की जानकारी भी साझा की गई। इस पर देखकर निदेशक ने जांच कराने का फैसला किया।