
जयपुर।
राजस्थान में चुनावी वर्ष में सियासी गर्माहट बढ़ने लगी है। सीएम अशोक गहलोत जहां 'ऑल इज़ वेल' बताकर खुद की पीठ थपथपाने और सरकार रिपीट होने के दावे करते नहीं थम रहे हैं, तो वहीं भाजपा और अन्य विरोधी दल सरकार को अलग-अलग मुद्दों पर चौतरफा घेर रहे हैं। भ्रष्टाचार और क़ानून व्यवस्था का मुद्दा पुरज़ोर तरीके से उठाया जा रहा है।
इस बीच गहलोत सरकार पर भ्रष्टाचार के एक के बाद एक गंभीर आरोप लग रहे हैं। राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा तो पिछले तीन-चार दिन के भीतर ही सरकार पर कुल करीब 86 हज़ार करोड़ के घोटाले का आरोप जड़ चुके हैं। इनमें से एक जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट्स से जुड़ा 20 हज़ार करोड़ का घोटाला बताया गया है, तो वहीं अब उससे भी कई गुना बड़ा 66 हज़ार करोड़ के खनन घोटाले का आरोप सरकार पर लग रहा है।
सबसे मलाईदार महकमें में घोटाला
जलदाय विभाग के 20 हज़ार करोड़ के कथित घोटाला मामले में अभी हंगामा चल ही रहा था कि अब सांसद किरोड़ी मीणा ने 66 हज़ार करोड़ का नया 'घोटाला बम' फेंक दिया है। ये ताज़ा घोटाला आरोप सरकार के सबसे मलाईदार महकमें खान विभाग में होना बताया गया है।
ये है 66 हज़ार करोड़ घोटाले का 'गणित'
सांसद डॉ मीणा ने बुधवार को एक और घोटाला उजागर करते हुए प्रदेश की गहलोत सरकार पर 66 हजार करोड़ रुपए के खनन घोटाले के आरोप लगाए। साथ ही इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
किरोड़ी ने कहा कि खान विभाग में करीब 66 हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है, जिसमें 27 हजार करोड़ का खनिज स्टॉक, 20 हजार करोड़ का बजरी, 10 हजार 800 करोड़ का अरावली हिल में अवैध खनन सहित कई मामले शामिल हैं। अलवर जिले के रामगढ़ तहसील में 50 से ज्यादा जगहों पर अवैध खनन किया जा रहा है, जिसमें करीब 200 करोड़ रुपए की पेनल्टी सरकार ने माफ की है।
खैरात में बांट दिए परमिट
मीणा ने कहा कि राजस्थान देश में पहला ऐसा राज्य है, जहां सबसे ज्यादा संख्या में माइनिंग लीज पर दी गई है। लेकिन ई—ऑक्शन के बजाय सरकार ने अपने स्तर पर खैरात में परमिट बांट दिए। सरकार ने ऑनलाइन मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर बनाया, जिसमें 27 हजार करोड़ का घोटाला खान मालिकों ने किया। खान विभाग ने बीते दिनों 56 दल बनाकर राजस्थान के स्टॉकिस्ट के जब छापा मारा था, तब 307 करोड़ की रॉयल्टी की चोरी पकड़ी गई थी।
Published on:
22 Jun 2023 02:54 pm
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