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रंग मल्हार में छाई सतरंगी बहार, बीजणी पर उकेरी मानसून और पर्यावरण की चित्रकारी

Rang Malhar Rajasthan : बांसवाड़ा के परतापुर में रंग मल्हार कार्यक्रम

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banswara

रंग मल्हार में छाई सतरंगी बहार, बीजणी पर उकेरी मानसून और पर्यावरण के चित्रकारी

परतापुर/बांसवाड़ा. बेणेश्वर लोक विकास संस्थान एवं ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल बेड़वा (परतापुर) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रंग मल्हार सतरंगी बहार छाई। इसमें युवा कलाकारों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने इन्द्रधनुषी रंगों एवं कूची से जब चित्रकारी की तो बीजणी एक बार फिर जीवित हो उठी। प्रदेश में अच्छी बारिश के आह्वान और स्वागत को लेकर हर साल होने वाले रंग मल्हार में प्रकृति पर्यावरण, मानसून जैसे विषय भी नजर आए। संस्था सचिव यतीन उपाध्याय ने बताया कि कलाकारों की रचनात्मकता को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित इस दसवें कार्यक्रम में कलाकारों का कैनवास बीजणी था।

इसमें कलाकार लोचन उपाध्याय एवं शिल्पा उपाध्याय के निर्देशन में डॉ. रितेश जोशी, डॉ. सुमन जोशी, दीपक भट्ट, मनीष भट्ट, परमेश्वर गोस्वामी, कालिया पाटीदार, कीर्तीश मेहता, राखी वर्मा, श्वेता जोशी, कपिल डांगी, पीयूष उपाध्याय, मोनिका सुथार, मेघा जोशी, नरेन्द्र रानावत, गौतम सुबा, मयंक रावल, सुरभि पंड्या, जेनील पंड्या, प्रियेश टेलर, चिराग कलाल, अनंत पंचाल, जमील पठान आदि कलाकारों के अलावा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने रंगों के माध्यम से मेघों को रिझाया ओर निमंत्रण दिया। साथ ही बीजणी के जरिए उजाले की ओर कला एवं प्रकृति जागरूकता का संदेश भी दिया।

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नौनिहालों ने उकेरी कल्पनाएं
कार्यक्रम में नौनिहनलों ने उत्साह से भाग लिया और बीजणी पर चित्रकारी कर अपनी भावनाओं को उकेरा। बच्चों ने बांस से बनी बीजणी को पहली बार देखा और इसकी महत्ता को नजदीक से जाना।

एकमात्र सहारा थी बीजणी
संस्थान सचिव यतीन उपाघ्याय ने बताया कि पूर्व के समय में विद्युत व्यवस्था के अभाव में ग्रामीण अंचल में गर्मी के दिनों में हवा के लिए बीजणी का उपयोग करते थे। वागड़ में बीजणी को बांस से बनाया जाता था। आधुनिकता के इस दौर में हम पुरानी वस्तुओं का उपयोग करना भूल गए, जो कभी पर्यावरण का हिस्सा रही हैं।

सम्मानित किया
संस्था प्रधान दीप्ति उपाध्याय ने बताया कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले कलाकारों, विद्यार्थियों, मीडियाकर्मी, स्टाफकर्मी एवं अभिभावकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।


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