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दंगे का दर्द : बोले शहरवासी – उपद्रव के पीछे सिर्फ पुलिस और प्रशासन की नाकामी, लचर कार्यशैली से बढ़ा बवाल

बांसवाड़ा 11 मई को हुए झगड़े से शहर में तनाव, शांति बनाए रखने के लिए हुई शांति समिति की बैठक, शहर के प्रबुद्धजनों ने माना प्रशासन की नाकामी के कारण बनी ये स्थितियां

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Ashish Bajpai

May 18, 2017

Video - Riot pain: Failure of police and administr

Video - Riot pain: Failure of police and administration just behind the fuss

शहर में उपद्रव पुलिस और प्रशासन की नाकामी का नतीजा है। इसके बाद उपद्रव के दौरान उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी नहीं था। उपद्रवों की मार सिर्फ और सिर्फ गरीब पर पड़ी। वेदना के स्वर शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने में मदद के लिए गुरुवार को हुई शांति समिति की बैठक में फूटे।

इसके साथ ही नागरिकों ने दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शहर में अवैध धंधों पर अंकुश के साथ ही पीडि़तों के घावों पर मरहम लगाने का काम तेजी से पूरा करने की मांग की। पुलिस और प्रशासन की ओर से भरोसा दिलाया गया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएंगे। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। शहर में निषेधाज्ञा फिलहाल लागू रहेगी। प्रभावितों को मदद के लिए गुरुवारा कमेटी ने पहल की।


बैठक के शुरू में शहर के कुछ प्रबुद्धजनों ने कहा कि अगर वर्षों पुराने इस विवाद का पुलिस प्रशासन समय पर सुलटारा कर देते तो ये हालात ही नहीं बनते। वारदात के दिन भी पुलिस एवं प्रशासन मूक दर्शक बन सब कुछ देखता रहा। साथ ही पुलिस के पास पर्याप्त जाप्ता भी नहीं था। इसके चलते उपद्रवियों पर काबू नहीं पाया जा सका।










कुछ लोगो ने कहा कि इस पूरी वारदात में सबसे ज्यादा नुकसान गरीब का हुआ है। किसी अमीर का मकान नहीं जला है। इस शहर के हिंदू मुस्लिम सभी त्योहारों को भाईचारे के साथ मनाते आए हैं। इस बार कुछ असामजिक तत्वों एवं गुट विशेष की वजह से वारदातों को अंजाम दिया गया।










खाटवाड़ा के कुछ इलाके में सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दिया गया। समिति के कई सदस्यों ने किसी भी धार्मिक जुलूस के दौरान हथियारों एवं लट्ठ ले जाने की अनुमति नहीं देने, शहर में जुए-सट्टे एवं अवैध ढाबों का संचालन नहीं होने देने के सुझाव दिए।










अवैध धंधों पर पूर्ण प्रतिबंध का एसपी का वादा

एसपी कालूराम रावत ने शहर की शांति बनाए रखने के लिए बीट व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के साथ जुआ, सट्टे के कारोबार एवं अवैध ढाबों पर पूर्णत प्रतिबंध लगाने का आश्वासन दिया। साथ ही बाहरी व्यक्तियों की पहचान कर उनको खदेडऩे, असामजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, वांछित आरोपितों की धरपकड़, ट्रैफिक नियंत्रण आदि काम में भी ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

दंगा हिन्दू- मुस्लिम नहीं था- डीवाईएसपी

डिप्टी विक्रम सिंह ने कहा कि यह दंगा हिंदू-मुस्लिम नहीं था। शहर के कुछ लड़कों ने गु्रप बना रखे हैं। उनकी आपसी लड़ाई के चलते यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। इनमें कई एेसे युवक भी हैं जो अपने घरवालों की बातें भी नहीं मानते हैं, जिनके खिलाफ कई प्रकरण भी दर्ज हो रखे हैं।

लंबे समय तक रखेंगे निषेधाज्ञा लागू: कलक्टर

जिला मजिस्ट्रेट भगवती प्रसाद ने शहर में निषेधाज्ञा आगे लंबे समय तक लागू रखने की बात कही। बगैर अनुमति के किसी भी जुलूस, बैठक धरना प्रदर्शन नहीं होंगे। अगर कहीं धारा 144 का उल्लंघन पाया गया तो प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले संदेशों के आदान-प्रदान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इनके साथ धार्मिक जुलूसों के दौरान हथियार व लट्ठ ले जाने पर रोक रहेगी। इस दौरान कलक्टर ने कहा कि ये सभी निर्णय एकराय से किए गए हैं। जल्द ही शांति समिति के सदस्यों का नए सिरे से चयन किया जाएगा।

बोले - मंत्री और आमजन

उपद्रव के पीछे कुछ ही लोग
राज्यमंत्री धनसिंह रावत - उपद्रवों में नुकसान गरीब का हुआ है। यह उपद्रव कुछ लोगों की वजह से हुआ है। शहर में अवैध धंधे रुकने चाहिए। इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की है।

धनसिंह रावत, राज्यमंत्री

प्रशासन की कमी रही


प्रशासन की कमी रही। जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। शांति का संदेश दिया और आरोप प्रत्यारोपों से बचने का आह्वान। - भीमा भाई, संसदीय सचिव

अपराधियों को प्रश्रय देने वाले अफसर चिन्हित हों

अपराधी चिन्हित होने चाहिए। अधिकारी भी चिन्हित होने चाहिए जो इनको प्रश्रय दे रहे हैं। आपत्ति जनक मैसेज भेजने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई। - जीतमलखांट, विधायक

समाजों के बीच भी बातचीत हो
यहं बात करने के साथ इस तरह की बातें समाज में भी होनी चाहिए। इससे सौहार्द बना रहेगा। महेन्द्रजीत सिह मालवीया, विधायक

चेहरे ढक कर घूमने पर प्रतिबंध लगे
महिलाओं के नकाबपोश घूमने पर प्रतिबंध होना चाहिए। -मंजूबाला पुरोहित, सभापति

शांति समिति के निर्णय लागू हों
- बाहर के लोगों की छंटनी, अवैध कारोबार पर लगाम, पूर्व में लिए गए शांति समिति के निर्णयों को भी खंगाला जाए। -भगवत पुरी, बार अध्यक्ष

निर्दोष लोग नहीं फंसे, यह ध्यान रखें
दोषी लोगों पर कठोर कार्रवाई हो। निर्दोष लोगों को फंसाया नहीं जाना चाहिए। ताकि कानून में भरोसा बना रहे और असंतोष न पनपे। -जगमाल सिंह

हम शांति के पक्षधर
गत वर्ष की घटना से आक्रोश व्याप्त था। हम शांति चाहते हैं। गरीब को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। - सदर सोहराबखान

पर्याप्त पुलिस बल नहीं लगा
प्रशासन ने उपद्रव के दौरान जाप्ता नहीं लगाया। प्रशासन की कमी रही है। -सदर फैयाज अहमद

कानून की पालना ठोस तरीके से हो

कानून की पालना ठोस तरीके से होनी चाहिए। पुलिस उस दिन घबराई हुई थी। - शहर काजी वाहिद अली

प्रभावितों के लिए दो सौ टिफिन भेजेंगे

प्रभावितों को प्रतिदिन 200 टिफिन खाना भेजने की घोषणा - गुरुद्वारा कमेटी

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